मुंबई। मुंबई में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) शहर और उपनगरों के 48 दुर्घटना संभावित स्थानों को सुरक्षित बनाने पर करीब 22 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बढ़ती वाहनों की संख्या और आए दिन होने वाले सड़क हादसों को देखते हुए बीएमसी ने शहर, पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के खतरनाक चौराहों, जंक्शनों, फ्लाईओवर के ढलानों और कोस्टल रोड के प्रवेश-निकास बिंदुओं पर सुरक्षा उपाय लागू करने की योजना तैयार की है।

ट्रैफिक पुलिस से मिली रिपोर्ट के आधार पर मुंबई में दुर्घटना की आशंका वाले 48 स्थानों की पहचान की गई है। इन जगहों पर सड़क सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए नए रोड डिवाइडर बनाए जाएंगे। इसके अलावा सड़कों पर आधुनिक थर्मोप्लास्टिक रंग की पट्टियां लगाई जाएंगी और दिशा-सूचक व चेतावनी बोर्ड स्थापित किए जाएंगे। यातायात को व्यवस्थित करने के लिए नए ट्रैफिक आईलैंड भी तैयार किए जाएंगे।

इन उपायों का उद्देश्य वाहन चालकों को सड़क की स्थिति और दिशा का स्पष्ट संकेत देना है, ताकि उन्हें दूर से ही आगे के रास्ते का अंदाजा मिल सके। इससे अचानक होने वाली दुर्घटनाओं के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी और वाहन चालकों का सफर अधिक सुरक्षित हो सकेगा।

बीएमसी ने परियोजना को लागू करने के लिए ई-निविदा प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस प्रक्रिया में प्रगति एंटरप्राइजेज कंपनी का चयन किया गया है। कंत्राट को अंतिम मंजूरी देने के लिए प्रस्ताव स्थायी समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। समिति की आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद सभी सुरक्षात्मक कार्यों को 18 महीनों की समय सीमा में पूरा किया जाएगा।

इस परियोजना के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में धनराशि का प्रावधान भी किया गया है। करीब 22 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत मुंबई के 48 दुर्घटना संभावित स्थानों पर सड़क संरचना और यातायात संकेतों में सुधार किया जाएगा। बीएमसी की इस पहल से सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और भविष्य में दुर्घटनाओं में कमी लाने की दिशा में काम किया जाएगा।

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