मुंबई में दिवंगत गायक और संगीतकार बप्पी लाहिड़ी के सम्मान में एक सड़क का नाम ‘संगीतकार बप्पी लाहिड़ी मार्ग’ रखा गया है। 19 अक्टूबर 2026 को आयोजित नामकरण समारोह में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बॉलीवुड की कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। इस अवसर पर बप्पी लाहिड़ी के परिवार के सदस्य भी मौजूद रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

समारोह में अभिनेता जितेंद्र, सुनील शेट्टी, जैकी श्रॉफ और गुलशन ग्रोवर सहित फिल्म जगत की हस्तियों ने भाग लिया। इस पहल के जरिए मुंबई में बप्पी लाहिड़ी के संगीत योगदान को सम्मान दिया गया।

अभिनेता जितेंद्र ने बताया कि वह और बप्पी लाहिड़ी पड़ोसी थे। दोनों ने ‘ज्योति’ (1981), ‘जस्टिस चौधरी’ (1983), ‘मवाली’ (1983) और ‘बलिदान’ (1985) सहित लगभग 40 फिल्मों में साथ काम किया था। जितेंद्र के अनुसार, उनके साथ काम करने से निर्देशक और निर्माता खुश रहते थे।

जितेंद्र ने कहा, “उन्होंने अच्छी सेवाएं और अच्छा संगीत, दोनों दिए। यदि आप अच्छी सेवा नहीं देते हैं, तो संगीत अच्छा होने के बावजूद उसका कोई खास महत्व नहीं रह जाता। मुझे इस समारोह में आकर बहुत खुशी हुई।”

अभिनेता सुनील शेट्टी ने कहा कि बप्पी लाहिड़ी को यह सम्मान कई साल पहले मिल जाना चाहिए था। उन्होंने कहा, “लेकिन देर आए, दुरुस्त आए। मेरा परिवार और मैं बेहद खुश हैं। यह वास्तव में बहुत अच्छा है। उनका सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि सभी गाने अच्छे हैं।”

वहीं, गुलशन ग्रोवर ने बप्पी लाहिड़ी को सिनेमा और संगीत जगत की महान हस्ती बताया। उन्होंने कहा, “वह सिनेमा, संगीत और कला के क्षेत्र में एक महान हस्ती हैं। उन्होंने अपार प्रसिद्धि और प्रशंसा हासिल की है। उन्होंने अभूतपूर्व और असाधारण काम किया है। इस स्तर के कलाकार को इस तरह सम्मानित किया जाना गर्व और सम्मान की बात है।”

बप्पी लाहिड़ी ने तीन साल की उम्र में संगीत सीखना शुरू कर दिया था। उनके पिता अपरेश लाहिड़ी प्रसिद्ध बंगाली गायक थे, जबकि उनकी मां बंशोरी लाहिड़ी संगीतकार और शास्त्रीय गायिका थीं। वह श्यामा संगीत भी प्रस्तुत करती थीं।

संगीतकार के रूप में उनकी पहली हिंदी फिल्म ‘नन्हा शिकारी’ (1973) थी। इस फिल्म में उनका गीत ‘तू ही मेरा चंदा’ शामिल था, जिसे मुकेश ने गाया था।

बप्पी लाहिड़ी को 1982 की फिल्म ‘डिस्को डांसर’ के गीतों ‘याद आ रहा है’, ‘आई एम अ डिस्को डांसर’ और ‘जिम्मी जिम्मी जिम्मी आजा’ के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है। वर्ष 1999 की फिल्म ‘साहेब’ का गीत ‘यार बिना चैन कहां रे’ भी उनके चर्चित गीतों में शामिल है।

वर्ष 2016 में उन्होंने डिज्नी की फिल्म ‘मोआना’ के हिंदी संस्करण में तमातोआ के किरदार को अपनी आवाज दी थी। उन्होंने फिल्म के गीत ‘शाइनी’ के हिंदी संस्करण ‘शोना’ को संगीतबद्ध करने के साथ गाया भी था।

बप्पी लाहिड़ी का निधन वर्ष 2022 में 69 वर्ष की उम्र में ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया के कारण हुआ था। मुंबई में उनके नाम पर सड़क का नामकरण उनके संगीत और भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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