मुंबई: बांद्रा पूर्व में रेलवे अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान हिंसक झड़प, भारी पथराव
मुंबई के बांद्रा पूर्व में अवैध निर्माण गिराए जाने के दौरान स्थानीय लोगों के उग्र प्रदर्शन और पथराव के बाद सुरक्षा बलों और दंगा नियंत्रण बल को तैनात किया गया।

मुंबई के बांद्रा पूर्व क्षेत्र में बुधवार को रेलवे की जमीन से अवैध अतिक्रमण हटाने के दौरान स्थानीय प्रदर्शनकारियों के पथराव के बाद सुरक्षा के लिए मुस्तैद पुलिस और दंगा नियंत्रण बल के जवान।
मुंबई के बांद्रा पूर्व क्षेत्र में रेलवे की जमीन पर चल रहे अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान बुधवार को हालात अचानक हिंसक हो गए। रेलवे प्रशासन द्वारा अदालत के कड़े आदेश के बाद चलाए जा रहे इस अभियान में दो दिनों के भीतर लगभग 400 अवैध झोपड़ियों और अनधिकृत निर्माणों को हटाया जा रहा था, जो पहले दिन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन दूसरे दिन स्थिति पूरी तरह बदल गई।
जानकारी के अनुसार, कार्रवाई के दौरान एक छोटी मस्जिद के अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाए जाने की खबर फैलते ही क्षेत्र में तनाव फैल गया। इसी बीच एक बड़ी मस्जिद पर कार्रवाई की सुगबुगाहट से स्थानीय समुदाय के लोग बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए और माहौल तेजी से गरमा गया। भीड़ ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जो देखते ही देखते उग्र प्रदर्शन और हिंसक झड़प में बदल गई।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद पुलिस बल पर भारी पथराव शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले के चलते पुलिसकर्मियों को आत्मरक्षा में कुछ कदम पीछे हटना पड़ा। घटना से पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल फैल गया।
तनाव बढ़ने पर मुंबई पुलिस के साथ दंगा नियंत्रण बल और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तत्काल तैनात किया गया। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
इस बीच स्थानीय नगरसेवकों ने स्थिति में हस्तक्षेप करते हुए मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में न लेने की अपील की। साथ ही नगरसेवकों ने रेलवे अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के साथ आपातकालीन बैठक की मांग की, ताकि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए कानूनी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के निर्देशों के तहत की जा रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि उन्हें नोटिस अवधि के तहत पर्याप्त समय नहीं दिया गया। फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, हालांकि सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
यह घटना प्रशासनिक कार्रवाई और स्थानीय विरोध के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करती है, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की गंभीर चुनौती सामने आई है।

Pratahkal Bureau
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