मुंबई: महाराष्ट्र की बिजली व्यवस्था में बड़े बदलाव का शंखनाद, दो विशाल पारेषण परियोजनाओं के साथ बदलेगी औद्योगिक क्षेत्रों की सूरत
मुंबई में RECPDCL ने महाराष्ट्र की दो बड़ी बिजली पारेषण परियोजनाओं का हस्तांतरण टाटा पावर और सीगैल इंडिया को किया। टैरिफ आधारित बोली के तहत वेलगांव और जेजुरी-हिंजवडी परियोजनाओं से पुणे के डेटा सेंटर्स और उद्योगों को मिलेगी 24 घंटे विश्वसनीय बिजली। डॉ. संजीव कुमार और अभा शुक्ला के नेतृत्व में राज्य के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम है।

मुंबई। महाराष्ट्र की ऊर्जा संरचना को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक छलांग लगाते हुए ऊर्जा मंत्रालय के अधीन 'महारत्न' सार्वजनिक उपक्रम आरईसी लिमिटेड की सहायक कंपनी आरईसी पावर डेवलपमेंट एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड (RECPDCL) ने राज्य की दो सबसे महत्वपूर्ण अंतर्राज्यीय विद्युत पारेषण परियोजनाओं का हस्तांतरण सफलतापूर्वक संपन्न कर दिया है। टैरिफ आधारित प्रतिस्पर्धी बोली (TBCB) प्रक्रिया के माध्यम से 9 जनवरी 2026 को हुए इस रणनीतिक हस्तांतरण ने महाराष्ट्र के ऊर्जा इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है, जो न केवल पुणे जैसे औद्योगिक केंद्रों को अटूट बिजली प्रदान करेगा बल्कि डेटा केंद्रों की बढ़ती मांग को भी पूरा करेगा।
इस विकासक्रम की पहली बड़ी कड़ी 'वेलगांव पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड' के रूप में सामने आई है, जिसका विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) आधिकारिक तौर पर सीगैल इंडिया लिमिटेड को सौंप दिया गया। 'बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर' (BOOT) मॉडल पर आधारित इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कमान RECPDCL के वरिष्ठ महाप्रबंधक एवं प्रमुख (ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन) श्री विजय कुलकर्णी ने सीगैल इंडिया लिमिटेड के पूर्णकालिक निदेशक डॉ. सुधीर राव होशिंग को सौंपी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर महाराष्ट्र राज्य पारेषण उपयोगिता (STU) के मुख्य अभियंता श्री पीयूष शर्मा और डॉ. होशिंग के बीच ट्रांसमिशन सर्विस एग्रीमेंट (TSA) पर हस्ताक्षर हुए, जिससे 24 महीनों के भीतर परियोजना को पूर्ण करने का वैधानिक मार्ग प्रशस्त हो गया। इस परियोजना के तहत 400/220 केवी वेलगांव गैस इंसुलेटेड सब-स्टेशन (GIS) और जटिल सर्किट लाइनों का निर्माण राज्य की पारेषण विस्तार योजना के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
इसी उत्साहजनक क्रम में, RECPDCL ने दूसरी बड़ी परियोजना 'जेजुरी–हिंजवडी पावर ट्रांसमिशन लिमिटेड' का हस्तांतरण दिग्गज कंपनी टाटा पावर को सुनिश्चित किया। श्री विजय कुलकर्णी ने इस SPV का प्रभार टाटा पावर कंपनी लिमिटेड के बिजनेस डेवलपमेंट–ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन (अंतरराष्ट्रीय) प्रमुख श्री पियूष कुमार को दिया। यहाँ भी मुख्य अभियंता श्री पीयूष शर्मा और श्री पियूष कुमार के बीच अनुबंध की औपचारिकताओं को अंतिम रूप दिया गया। 24 महीने की समय सीमा वाली यह परियोजना पुणे-हिंजवडी क्षेत्र के लिए जीवनरेखा मानी जा रही है, क्योंकि इसके तहत करीब 115 किलोमीटर लंबी 400 केवी डबल सर्किट लाइन बिछाई जाएगी। प्रति सर्किट 2,000 मेगावाट की विशाल क्षमता वाली यह लाइन न केवल पुणे रिंग मेन नेटवर्क को अभूतपूर्व स्थिरता देगी, बल्कि वहां स्थित हाई-टेक डेटा सेंटर्स और आवासीय क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति में क्रांतिकारी सुधार लाएगी।
महाराष्ट्र सरकार के मार्गदर्शन और अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती अभा शुक्ला (आईएएस) तथा महापारेषण के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. संजीव कुमार (आईएएस) के दूरदर्शी नेतृत्व में यह पूरा ऊर्जा संक्रमण रोडमैप तैयार किया गया है। पारेषण ढांचे का यह सुदृढ़ीकरण न केवल बिजली वितरण कंपनियों की संसाधन पर्याप्तता को पुख्ता करेगा, बल्कि महाराष्ट्र को आधुनिक ऊर्जा बुनियादी ढांचे के मामले में देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में मजबूती से खड़ा कर देगा।

Pratahkal Bureau
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