मुंबई के साकीनाका इलाके में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चलाने की तैयारी कर रहे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को पुलिस ने सोमवार को हिरासत में ले लिया। संघर्षनगर इलाके में मनसे के साकीनाका विभाग अध्यक्ष महेंद्र भानुशाली के नेतृत्व में यह आंदोलन प्रस्तावित था। प्रदर्शन की आधिकारिक अनुमति नहीं लिए जाने के कारण पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 से 20 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

महेंद्र भानुशाली के नेतृत्व में मनसे कार्यकर्ता मुख्य निर्वाचन अधिकारी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान के जरिए विरोध दर्ज कराने वाले थे। हालांकि, प्रदर्शन के लिए पुलिस प्रशासन से कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी। इसे देखते हुए पुलिस ने एहतियाती कदम उठाते हुए महेंद्र भानुशाली समेत 15 से 20 कार्यकर्ताओं को मौके से हिरासत में लिया और सीधे पुलिस स्टेशन ले गई।

पुलिस स्टेशन में सभी कार्यकर्ताओं से भविष्य में बिना अनुमति इस तरह के आंदोलन नहीं करने संबंधी कागजातों पर हस्ताक्षर करवाए गए। इसके बाद सभी को छोड़ दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मनसे कार्यकर्ताओं में नाराजगी देखने को मिली।

मीडिया से बातचीत में विभाग अध्यक्ष महेंद्र भानुशाली ने कहा कि वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए उन्हें जबरन गाड़ियों में बिठाया और थाने ले गई।

वहीं, स्थानीय पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और बिना अनुमति होने वाली भीड़भाड़ को रोकने के लिए यह कदम उठाना जरूरी था। पुलिस की इस कार्रवाई के चलते संघर्षनगर इलाके में मनसे का प्रस्तावित हस्ताक्षर अभियान पूरा नहीं हो सका। घटनाक्रम के दौरान इलाके में कुछ समय के लिए तनाव का माहौल भी बन गया।

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