मुंबई। मिठी नदी के सफाई और सौंदर्यीकरण कार्य में कथित बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिवसेना की वरिष्ठ नेता शीतल म्हात्रे ने बीएमसी प्रशासन से पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है। उन्होंने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की आयुक्त अश्विनी भिडे से मुलाकात कर वर्ष 2017 से 2021 के बीच मिठी नदी के लिए निकाले गए सभी टेंडरों और उन पर हुए खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने के लिए श्वेतपत्रिका जारी करने की मांग की।

शीतल म्हात्रे ने आरोप लगाया कि 2017 से 2021 के बीच मिठी नदी से जुड़े टेंडरों में भारी गड़बड़ी और पैसों का हेरफेर किया गया। उनका दावा है कि नदी के निचले हिस्से की गाद और चट्टानों को तोड़ने के नाम पर टेंडर जारी किए गए और उनके लिए भुगतान भी किया गया, लेकिन जमीन पर कोई वास्तविक काम नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच जरूरी है, ताकि टेंडरों, स्वीकृत राशि और किए गए खर्च से जुड़ी वास्तविक स्थिति जनता के सामने आ सके। इसी के साथ शीतल म्हात्रे ने कोरोना काल के दौरान बीएमसी द्वारा मंजूर किए गए कई अन्य विकास प्रस्तावों की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

शिवसेना नेता के अनुसार, बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने उनकी मांगों को ध्यान से सुना और इस मामले में सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया है। शीतल म्हात्रे ने स्पष्ट किया कि मुंबईकरों के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिवसेना के पूर्व नगरसेवक और कार्यकर्ता इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाएंगे। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक बीएमसी प्रशासन के सामने यह मुद्दा लगातार उठाया जाता रहेगा। अब मिठी नदी के सफाई और सौंदर्यीकरण कार्य से जुड़े वर्ष 2017 से 2021 के टेंडरों और खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग पर बीएमसी प्रशासन के अगले कदम पर नजर रहेगी।

Pratahkal Bureau

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