प्रातःकाल संवाददाता, मुंबई। मुंबई के पड़ोसी उपनगर मीरा भायंदर में शुक्रवार की देर रात एक बड़ा हादसा सामने आया है। इंद्रलोक फेज-4 स्थित घनी बसी झुग्गियों में अचानक लगी भीषण आग ने तीन लोगों की जान ले ली। इस दुखद घटना में मरने वालों में दो मासूम बच्चे और एक 40 वर्षीय व्यक्ति शामिल हैं। प्रारंभिक जांच के अनुसार, आग लगने का मुख्य कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।

तबाही का मंजर और प्रत्यक्षदर्शियों का अनुभव

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग इतनी भयावह थी कि चंद मिनटों के भीतर ही दर्जनों झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं और लोगों को अपनी जान बचाने के लिए भागने का मौका भी नहीं मिला। आग की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि लपटों की चपेट में आने के कारण कई गैस सिलेंडरों में एक के बाद एक जोरदार विस्फोट हुए। इन धमाकों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई। ### दमकल विभाग की कार्रवाई और सर्च ऑपरेशन

सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए कई सिलेंडरों को आग के बीच से सुरक्षित बाहर निकाला, जिससे एक और बड़ा विस्फोट होने से टल गया। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल दल ने आग पर काबू पाया और देर रात 1 बजे तक गहन सर्च ऑपरेशन चलाया गया।

प्रशासन की जांच और सुरक्षा मानकों पर सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर घनी आबादी वाले इलाकों में बिजली के तारों की खराब स्थिति और अग्नि सुरक्षा मानकों की कमी को उजागर कर दिया है। मीरा भायंदर प्रशासन ने इस घटना की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। फिलहाल, इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवारों के प्रति स्थानीय नागरिकों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। पुलिस मृतकों की शिनाख्त और कानूनी कार्यवाही पूरी करने में जुटी है।

Pratahkal Bureau

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