शादी के नाम पर करोड़ों की ठगी का जाल, पिता-पुत्र गिरफ्तार
मीरा-भाईंदर वसई-विरार पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अखबारों और वेबसाइटों पर वैवाहिक विज्ञापन देकर महिलाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले शातिर आरोपी अनुजकुमार त्रिवेदी को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है।

मीरा-भाईंदर वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय की क्राइम ब्रांच काशीमीरा यूनिट-1 ने शादी का झांसा देकर महिलाओं से करोड़ों रुपये और कीमती आभूषण ठगने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी वर्षों से अखबारों और वेबसाइटों पर वैवाहिक विज्ञापन देकर विशेष रूप से तलाकशुदा, दिव्यांग और अकेली महिलाओं को निशाना बना रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि वह अपनी पहचान और नाम बदल-बदलकर महिलाओं को प्रेम और विवाह के जाल में फंसाता था तथा बाद में उनसे नकदी और आभूषण हड़पकर फरार हो जाता था।
क्राइम ब्रांच काशीमीरा यूनिट-1 के प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार शिंदे के अनुसार, वर्ष 2022 में नयानगर पुलिस स्टेशन में दर्ज एक शिकायत के आधार पर इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश हुआ। शिकायतकर्ता 75 वर्षीय महिला ने बताया था कि उन्होंने अपनी 45 वर्षीय बेटी के विवाह के लिए एक अंग्रेजी अखबार में प्रकाशित विज्ञापन के माध्यम से आरोपी से संपर्क किया था। आरोपी ने स्वयं को ‘अजय अग्रवाल’ बताकर परिवार का विश्वास जीता और 1 मार्च 2019 को पीड़िता से विवाह कर लिया।
विवाह के बाद आरोपी ने लखनऊ में फ्लैट खरीदने और दो मंजिला मकान बनाने का सपना दिखाकर पीड़िता के परिवार को मीरा रोड स्थित फ्लैट बेचने के लिए राजी कर लिया। फ्लैट की बिक्री से प्राप्त धनराशि में से आरोपी ने विभिन्न किस्तों में 82 लाख रुपये अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद फरवरी 2022 में उसने रिश्तेदारों की शादी का बहाना बनाकर पीड़िता को दिल्ली ले गया और वहां 33 तोला सोना तथा हीरे के आभूषण अपने कब्जे में लेकर फरार हो गया। आरोपी ने पीड़िता को रेलवे स्टेशन पर मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया और अपना मोबाइल फोन बंद कर संपर्क तोड़ लिया।
जांच में सामने आया कि आरोपी ने इस मामले में कुल 97 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 और 406 के तहत मामला दर्ज किया गया। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी लगातार ठिकाने बदलता रहा और पुलिस से बचता रहा।
प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार शिंदे के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल ट्रैकिंग और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अपनी पहचान बदलकर उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में रह रहा है। इसके बाद पुलिस ने 24 मई 2026 को उसे ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के कब्जे से तीन मोबाइल फोन, ‘जयप्रकाश गुप्ता’ नाम से बना फर्जी आधार कार्ड तथा ‘राधा गुप्ता’ के नाम का एटीएम कार्ड बरामद किया गया। इसके अलावा धोखाधड़ी से अर्जित धन से खरीदी गई लगभग 20 लाख रुपये मूल्य की बीएमडब्ल्यू एक्स-1 कार भी जब्त की गई है।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी का वास्तविक नाम अनुजकुमार चंद्रप्रकाश त्रिवेदी है। वह अजय अग्रवाल, अजय संतोष सिंह और जयप्रकाश रमेशचंद गुप्ता सहित कई फर्जी नामों का इस्तेमाल कर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। जांच में यह भी सामने आया कि वह पहले अमरावती की एक महिला से भी विवाह कर 25 लाख रुपये की ठगी कर चुका है और उस मामले में भी वांछित था।
इस पूरे षड्यंत्र में आरोपी का 27 वर्षीय पुत्र अविरल उर्फ प्रखर अनुजकुमार त्रिवेदी भी शामिल पाया गया है। पुलिस के अनुसार, उसने अपने पिता के साथ मिलकर पीड़िता से धोखाधड़ी की। पहले से विवाहित होने के बावजूद दूसरी शादी कर धोखाधड़ी करने के आरोप में उसे भी सह-आरोपी बनाया गया है।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। साथ ही पुलिस प्रशासन ने अपील की है कि यदि किसी अन्य महिला या परिवार को आरोपी द्वारा इसी प्रकार ठगी का शिकार बनाया गया हो तो वे तत्काल क्राइम ब्रांच काशीमीरा यूनिट-1 से संपर्क करें। यह मामला वैवाहिक विज्ञापनों के माध्यम से होने वाली संगठित धोखाधड़ी का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है, जिसने कई परिवारों को आर्थिक और मानसिक रूप से गहरा नुकसान पहुंचाया है।

Pratahkal Bureau
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