पालघर में मेडिकल छात्रा से जबरन पढ़वाई गई नमाज: हॉस्टल में मजहबी दबाव के बाद पुलिस का कड़ा एक्शन
पालघर के आइडियल फाउंडेशन कॉलेज में हिंदू छात्रा से जबरन नमाज पढ़वाने का मामला सामने आया है। नासिक की रहने वाली फिजियोथेरेपी छात्रा ने नकाबपोश लड़कियों पर मानसिक प्रताड़ना और धमकी देने का आरोप लगाया है। पुलिस ने BNS और रैगिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पढ़ें इस चौंकाने वाली घटना की पूरी रिपोर्ट।

मुंबई/पालघर: महाराष्ट्र के पालघर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल शिक्षा जगत को शर्मसार किया है, बल्कि सांप्रदायिक संवेदनशीलता को भी बढ़ा दिया है। पालघर के वाडा तहसील स्थित पोशेरी में संचालित 'आइडियल फाउंडेशन कॉलेज' के हॉस्टल में एक हिंदू छात्रा के साथ मजहबी कट्टरता और मानसिक प्रताड़ना का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। नासिक की रहने वाली इस पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसे कॉलेज परिसर के भीतर जबरन नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया, जिसके बाद से पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है।
घटना के विवरण के अनुसार, फिजियोथेरेपी प्रथम वर्ष की इस छात्रा के लिए हॉस्टल का जीवन किसी दुस्वप्न जैसा साबित हुआ। रविवार की रात जब वह हॉस्टल की पांचवीं मंजिल पर मौजूद थी, तभी नकाबपोश लड़कियों के एक समूह ने उसे घेर लिया। छात्रा का आरोप है कि इन लड़कियों ने उस पर नमाज पढ़ने के लिए दबाव बनाया। जब उसने अपनी धार्मिक आस्था का हवाला देते हुए इनकार किया, तो उसे डराया-धमकाया गया और मानसिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि वह सहम गई। इस घटना ने कॉलेज सुरक्षा और वहां के वातावरण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीड़ित छात्रा ने साहस दिखाते हुए अगले दिन अपने परिजनों को इस भयावह अनुभव की जानकारी दी। जब परिजन न्याय की गुहार लेकर कॉलेज प्रबंधन के पास पहुंचे, तो आरोप है कि प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेने के बजाय टालमटोल की नीति अपनाई। प्रबंधन की इस संवेदनहीनता से आक्रोशित होकर परिवार ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) से संपर्क साधा, जिसके बाद मामला पुलिस के पास पहुंचा और हिंदू संगठनों ने कॉलेज के बाहर विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पालघर पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र रैगिंग निषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी कॉलेज कैंपस में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाल रहे हैं ताकि आरोपी लड़कियों की पहचान की जा सके। साथ ही, हॉस्टल के अन्य छात्रों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। यह घटना स्पष्ट करती है कि शिक्षण संस्थानों में बढ़ती कट्टरता और रैगिंग जैसे कृत्य छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक सौहार्द के लिए कितना बड़ा खतरा बन चुके हैं। पुलिस की इस कार्रवाई पर अब सबकी नजरें टिकी हैं कि क्या दोषियों को उनके किए की सजा मिल पाएगी।

Pratahkal Bureau
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