मुंबई। महाराष्ट्र में ऑटो और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा के ज्ञान की जांच का राज्यव्यापी अभियान जारी है। अभियान के दूसरे दिन शुक्रवार को मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में आरटीओ की जांच के दौरान बड़ी संख्या में चालक व्यवहारिक मराठी बोलने में असफल रहे। दो दिनों की जांच में एमएमआर क्षेत्र के करीब 17 प्रतिशत चालक परीक्षा पास नहीं कर सके। इसके बाद मराठी भाषा का ज्ञान नहीं होने पर 1,499 गैर-मराठी भाषी चालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

शुक्रवार को एमएमआर क्षेत्र में कुल 3,942 ऑटो और टैक्सी चालकों का मूल्यांकन किया गया। इनमें से 50 प्रतिशत यानी 722 चालक ही दैनिक व्यवहार में मराठी बोल पाए, जबकि शेष 50 प्रतिशत चालक मराठी बोलने में अक्षम पाए गए।

इससे पहले गुरुवार को हुई जांच में स्थिति बेहतर रही थी। उस दिन 3,995 चालकों का मूल्यांकन किया गया था, जिनमें से 83 प्रतिशत से अधिक चालक मराठी भाषा की जांच में सफल रहे थे। वहीं, 604 चालकों को मराठी भाषा का ज्ञान नहीं होने पर नोटिस दिया गया था।

दो दिनों के एमएमआर क्षेत्र के आंकड़ों पर नजर डालें तो कुल 7,937 ऑटो और टैक्सी चालकों की जांच की गई। इनमें से 1,326 चालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

पूरे महाराष्ट्र में भी भाषा जांच अभियान के तहत दो दिनों में कुल 11,633 चालकों का मूल्यांकन किया गया। इनमें से करीब 87 प्रतिशत चालक सफल रहे, जबकि 1,441 चालकों को मराठी भाषा नहीं आने पर नोटिस दिया गया।

आरटीओ अधिकारियों के अनुसार, जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऑटो और टैक्सी चालक यात्रियों से रोजमर्रा के संवाद में स्थानीय भाषा का प्रयोग कर सकें। फिलहाल नोटिस पाने वाले चालकों को नियमों का पालन करने की हिदायत दी जा रही है।

Pratahkal Newsroom

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