मुंबई-बडोदा राष्ट्रीय महामार्ग स्थित तानसा नदी के पुल पर जीवन समाप्त करने के इरादे से चढ़े एक 40 वर्षीय व्यक्ति को मांडवी पुलिस ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सुरक्षित बचा लिया। हृदयविदारक घटना का कारण दो दिन पूर्व पिता का देहावसान बताया जा रहा है, जिससे व्यथित होकर उक्त व्यक्ति ने यह आत्मघाती कदम उठाने का निर्णय लिया था।

घटनाक्रम के अनुसार, 15 जून 2026 को मांडवी पुलिस को एक सूचना प्राप्त हुई कि भिवंडी तहसील के दुगाड गांव का निवासी एक व्यक्ति तानसा नदी के निर्माणाधीन पुल के कठघरे पर बैठकर नदी में कूदने की तैयारी कर रहा है। सूचना की गंभीरता को समझते हुए वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक रणजीत आंधळे ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस हवालदार राजेंद्र फड, धीरज अहिरे, अक्षय चंदनशिव और शुभम उगले की टीम सादे वेश में घटनास्थल पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से उस व्यक्ति को तनिक भी भनक लगने दिए बिना अत्यंत सावधानीपूर्वक पुल के कठघरे से सुरक्षित नीचे उतार लिया।

पुलिस स्टेशन लाए जाने पर व्यक्ति ने अपनी आपबीती सुनाई। उसने बताया कि दो दिन पूर्व उसके पिता का निधन हो गया था और परिवार में कोई भी सगा संबंधी न होने के कारण वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुका था। जीवन जीने की इच्छा समाप्त हो जाने के कारण ही उसने आत्महत्या जैसा घातक रास्ता चुना। पुलिस स्टेशन के सहायक पुलिस उपनिरीक्षक मुसळे ने इस कठिन परिस्थिति में संवेदनशीलता दिखाते हुए व्यक्ति का विस्तृत समुपदेशन किया और उसे जीवन का मूल्य समझाया। काउंसलिंग के बाद, पुलिस ने औपचारिकताएं पूरी करते हुए उस व्यक्ति को उसके चचेरे भाई की सुपुर्दगी में सौंप दिया। पुलिस की इस तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण के चलते एक अनमोल जीवन बचा लिया गया, जिसके लिए पीड़ित के परिजनों ने पुलिस बल का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

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