मुंबई की रफ्तार को नई दिशा देने वाली मेट्रो परियोजना के बीच शनिवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने शहर को झकझोर दिया। निर्माणाधीन मुंबई मेट्रो लाइन-4 के गर्डर ब्रिज का एक स्लैब/पैरापेट हिस्सा अचानक भरभरा कर गिर पड़ा, जिससे न केवल एक निर्दोष व्यक्ति की जान चली गई, बल्कि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

हादसे का पूरा घटनाक्रम:

दोपहर करीब 12:15 से 12:20 बजे के बीच, लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) रोड, मुलुंड पश्चिम, जॉनसन एंड जॉनसन फैक्ट्री के निकट यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माणाधीन संरचना का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे से गुजर रहे एक ऑटो रिक्शा और एक कार पर आ गिरा। भारी कंक्रीट स्लैब के गिरते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे में रामधन यादव नामक व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई गई है, जबकि अन्य दो की स्थिति स्थिर है।


हादसे के तुरंत बाद एलबीएस रोड पर दक्षिण दिशा की ओर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। मुलुंड से भांडुप के बीच वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पुलिस ने वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह जारी की। मौके पर अग्निशमन दल, पुलिस बल, मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारी और आपातकालीन सेवाएं तुरंत पहुंचीं। राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू किया गया तथा घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।


घटना के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने राहत कार्यों का समन्वय संभाला और दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की घोषणा की। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतक के परिजनों को ₹5 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। साथ ही राज्य सरकार ने घायलों के समस्त उपचार खर्च वहन करने का आश्वासन दिया। मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े सहित विपक्षी नेताओं ने इस घटना को सुरक्षा मानकों में “गंभीर लापरवाही” का परिणाम बताते हुए जवाबदेही तय करने की मांग की है।


किस परियोजना का हिस्सा है यह निर्माण?

यह हादसा मुंबई मेट्रो लाइन-4 के अंतर्गत निर्माणाधीन एलिवेटेड कॉरिडोर पर हुआ। यह लाइन वडाला से शुरू होकर घाटकोपर, विक्रोली, भांडुप, मुलुंड होते हुए ठाणे तक प्रस्तावित है। मुंबई की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विकसित की जा रही यह परियोजना महानगर की यातायात समस्याओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


तेजी से विकसित होते बुनियादी ढांचे के बीच यह दुर्घटना निर्माण कार्यों में सुरक्षा मानकों की गंभीरता पर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर मेट्रो नेटवर्क शहर की जीवनरेखा को मजबूत करने का वादा करता है, वहीं इस तरह की घटनाएं सतर्कता और जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।



Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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