मुंबई। नालासोपारा पुलिस ने 16 साल से फरार चल रहे हत्या के मुख्य आरोपी अविनाश लालता प्रसाद सोनी (42), पेशा सुनार, को नायगांव पूर्व इलाके से गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी एक गुप्त मुखबिर की सूचना के आधार पर की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने वर्ष 2009 में विनोद शंकरलाल जायसवाल (38), निवासी साईंबाबा नगर, मीरा रोड ईस्ट, इस्टेट एजेंट की हत्या करने की बात कबूल की।

जानकारी के अनुसार, विनोद शंकरलाल जायसवाल का शव 29 अप्रैल 2009 को बिलालपाड़ा, वर्षा टावर, B/401 के पास बरामद किया गया था। हत्या हाथ-पैर नायलॉन की रस्सी से बांधकर गला घोंटकर की गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि कैलाश ललन यादव (28), विनय उर्फ अजय और धर्मेंद्र रमाशंकर सोनी (54) तथा उनकी पत्नी किरण धर्मेंद्र सोनी (50) इस हत्या में शामिल थे।

क्राईम ब्रांच यूनिट 3, विरार की टीम, पीआइ शाहूराज रणवरे के नेतृत्व में इस मामले की जांच कर रही थी। पुलिस ने समय-समय पर फरार आरोपियों की खोजबीन जारी रखी, लेकिन आरोपी लगातार अपने ठिकानों को बदलते रहे।

धर्मेंद्र सोनी और उनकी पत्नी किरण सोनी को 17 दिसंबर को मध्यप्रदेश के महू गांव, जिला इंदौर से गिरफ्तार किया गया और नालासोपारा पुलिस के हवाले किया गया। नालासोपारा पीआइ विशाल वळवी के मार्गदर्शन में डिटेक्शन ब्रांच द्वारा पूछताछ के दौरान दंपत्ति ने मुख्य आरोपी अविनाश लालता प्रसाद सोनी की जानकारी दी। इसके बाद नायगांव पूर्व इलाके में जाल बिछाकर मुख्य आरोपी को पकड़ लिया गया।

अभियुक्त अविनाश लालता प्रसाद सोनी ने पूछताछ में कबूल किया कि उसने अपने चार अन्य साथियों के साथ मिलकर वर्ष 1998 में होली के दिन आजमगढ़, उत्तर प्रदेश में भी एक व्यक्ति की हत्या की थी। इस सूचना को आजमगढ़ पुलिस को भी सौंपा गया।

वसई कोर्ट ने अविनाश लालता प्रसाद सोनी को पांच दिन की पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है। इस गिरफ्तारी से 16 साल पुराने नालासोपारा हत्या प्रकरण में पुलिस की मेहनत और लगातार तलाश का नतीजा सामने आया है।

Pratahkal Bureau

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