महाराष्ट्र के सफाई कर्मचारियों को मिलेंगे मालिकाना हक वाले मकान, 2028 तक आवास का लक्ष्य
महाराष्ट्र सरकार ने सफाई कर्मचारियों को मालिकाना हक वाले पक्के मकान देने की घोषणा की है। कुलाबा के पंचशील नगर में 140 फ्लैट्स का उद्घाटन हुआ। जानिए 2028 तक आवास और 12 हजार से अधिक नए मकानों की योजना का विवरण।

मुंबई के कुलाबा में बीएमसी की आश्रय योजना के तहत नवनिर्मित फ्लैट्स का उद्घाटन करते हुए (बाएं से दाएं) उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, महापौर रितू तावड़े, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और अन्य नेता।
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सफाई कर्मचारियों को सेवा निवास के साथ मालिकाना हक वाले पक्के मकान उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कुलाबा के पंचशील नगर में बीएमसी की आश्रय योजना के तहत नवनिर्मित 140 आधुनिक फ्लैट्स का उद्घाटन करते हुए इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य 2028 तक सभी सफाई कर्मचारियों को बेहतर आवास उपलब्ध कराना है।
नवनिर्मित आवासों के चाबी वितरण समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, महापौर रितू तावड़े और बीएमसी कमिश्नर श्रीमती अश्विनी भिड़े उपस्थित रहे। इस दौरान सांकेतिक रूप से सफाई कर्मचारियों को नए मकानों की चाबियां सौंपी गईं।
यह बीएमसी की पहली ऐसी बहुमंजिला इमारत है, जिसका निर्माण आधुनिक प्री-फैब्रिकेटेड तकनीक से रिकॉर्ड समय में किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर श्रमसाफल्य योजना और वाल्मीकि गृहनिर्माण योजना के तहत वर्ष 2028 तक सभी सफाई कर्मचारियों को बेहतर आवास देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सरकार ने लाडपागे समिति की सिफारिशों को लागू करने का भी निर्णय लिया है। इसके तहत सफाई कर्मचारियों के बच्चों को उनकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर वर्ग-3 की सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, ठेका कर्मचारियों को भी न्यूनतम वेतन और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने का फैसला किया गया है।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सफाई कर्मचारियों को 'मुंबई का असली हीरो' बताते हुए कहा कि पहले उन्हें 150 वर्ग फुट के छोटे कमरे मिलते थे, जबकि अब 300 वर्ग फुट के सर्वसुविधायुक्त मकान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीएमसी की आश्रय योजना के तहत 12 हजार से अधिक नए मकानों का निर्माण किया जा रहा है। इससे मुंबई के 29 हजार सफाई कामगारों के अपने घर का सपना साकार करने की दिशा में मदद मिलेगी।
समारोह में कर्मचारियों को नए आवासों की चाबियां सौंपे जाने के बाद सफाई कर्मचारी वर्ग में उत्साह और खुशी का माहौल रहा। सरकार की इन योजनाओं के माध्यम से सफाई कर्मचारियों को आवासीय सुविधा के साथ-साथ उनके परिवारों के लिए रोजगार के अवसर और ठेका कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन एवं सुविधाएं सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।

