S hiv Sena UBT MP Rebellion : महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर ऐसा अभूतपूर्व और ऐतिहासिक भूचाल आया है, जिसने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना यूबीटी के वजूद पर ही संकट के बादल मंडरा दिए हैं। विधायकों की ऐतिहासिक बगावत के बाद अब उद्धव ठाकरे को लोकसभा में अब तक का सबसे बड़ा और करारा झटका लगा है। पार्टी के कुल नौ लोकसभा सांसदों में से छह सांसदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को अपना खुला समर्थन देने का मन बना लिया है, जिससे उद्धव खेमे में सिर्फ तीन सांसद बचे हैं। इस महा-बगावत की खबर सामने आते ही दिल्ली से लेकर मुंबई तक राजनीतिक सरगर्मियां सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मची रार के बीच महाराष्ट्र में लगी बगावत की यह आग अब उद्धव सेना के बचे-खुचे किले को ढहाने के लिए तैयार दिख रही है।

इस सियासी ड्रामे के बीच बगावत करने वाले सभी छह सांसदों को बेहद गोपनीय तरीके से किसी अज्ञात स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है। शिवसेना के एक वरिष्ठ नेता ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि राजनीतिक पाला बदलने वाले ये सभी बागी सांसद आगामी 19 जून को मुंबई के नेस्को ग्राउंड पहुंचेंगे, जहां आगे की रणनीति का खुलासा किया जाएगा। दूसरी तरफ, शिवसेना यूबीटी के फायरब्रैंड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस टूट के पीछे बड़े आर्थिक खेल का सनसनीखेज दावा किया है। संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को टैग करते हुए एक बेहद तीखी पोस्ट लिखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'अपना सपना मनी मनी' के खेल के तहत महाराष्ट्र के सांसदों को पाला बदलने के लिए प्रति सांसद 15-15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि का ऑफर दिया जा रहा है, जिसे उन्होंने लोकतंत्र के लिए एक घिनौनी और चौंकाने वाली बात करार दिया।

इस राजनीतिक घमासान के बीच बगावत की इस स्क्रिप्ट में एक दिलचस्प मोड़ बागी सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर के परिवार से सामने आया है। उनके बेटे कृष्णा पाटिल आष्टीकर, जो आगामी महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के लिए नांदेड़ से विपक्षी महा विकास आघाडी (एमवीए) गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार हैं, ने अपने पिता की स्थिति स्पष्ट न होने के बावजूद खुद को उद्धव ठाकरे के साथ खड़ा घोषित कर दिया है। उन्होंने एक वीडियो बयान जारी कर भावुक और आक्रामक लहजे में कहा कि वह एमवीए के साथ मजबूती से खड़े हैं और आगे भी रहेंगे। खुद को उद्धव ठाकरे का सच्चा शिवसैनिक बताते हुए उन्होंने किसी भी तरह के शक की गुंजाइश को सिरे से खारिज कर दिया। गौरतलब है कि उनके पिता नागेश पाटिल उन पांच सांसदों में शुमार थे, जो रविवार को मातोश्री पर उद्धव ठाकरे द्वारा बुलाई गई आपात बैठक में व्यक्तिगत रूप से शामिल होने के बजाय सिर्फ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े थे।

संजय राउत द्वारा बागी सांसदों को "कुचल दो" जैसी खुली और सीधी चेतावनी दिए जाने के बाद महाराष्ट्र का सियासी और सामाजिक माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग ने डीजीपी को पत्र लिखकर बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। महाराष्ट्र पुलिस के इंटेलिजेंस विभाग ने एक बड़ा और त्वरित फैसला लेते हुए बगावत करने वाले सभी 6 सांसदों की सुरक्षा को तत्काल प्रभाव से बढ़ा दिया है। सांसद संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, नागेश पाटिल, ओमराजे निंबालकर और भाऊसाहेब वाघचौरे को गृह विभाग के आदेश पर तत्काल प्रभाव से 'Y+ लोकल सिक्योरिटी' मुहैया करा दी गई है। विशेष रूप से उत्तर-पूर्व मुंबई से सांसद संजय दीना पाटिल के आवास के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, क्योंकि उनके घर के बाहर उद्धव गुट के कार्यकर्ताओं का जुटना शुरू हो गया है। भांडुप को शिवसेना यूबीटी का मजबूत गढ़ माना जाता है, जिसके चलते पुलिस प्रशासन किसी भी हिंसक टकराव को रोकने के लिए हाई अलर्ट पर है।

महाराष्ट्र की धरती पर शुरू हुआ यह नया सियासी अध्याय इस बात का गवाह है कि क्षेत्रीय दलों के भीतर वैचारिक और सांगठनिक दरार किस कदर गहरी हो चुकी है। विधायकों के बाद अब दो-तिहाई से अधिक सांसदों का एकनाथ शिंदे के पाले में जाना यह साफ संकेत देता है कि असली शिवसेना की लड़ाई में उद्धव ठाकरे कानूनी और राजनीतिक दोनों मोर्चों पर लगातार पिछड़ते जा रहे हैं। खुफिया विभाग की मुस्तैदी और भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच आगामी 19 जून को नेस्को ग्राउंड में होने वाला इन सांसदों का महा-जुटान इस बात का फैसला करेगा कि महाराष्ट्र की भावी राजनीति का ऊँट किस करवट बैठेगा। इस बगावत ने न केवल महा विकास अघाड़ी के भीतर की कमजोरी को उजागर किया है, बल्कि आने वाले दिनों में सुप्रीम कोर्ट और लोकसभा अध्यक्ष के सामने एक नया कानूनी और संवैधानिक संकट भी खड़ा कर दिया है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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