महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: 'पिंक ई-रिक्शा' योजना में अनुदान दोगुना, अब महिलाओं को मिलेगा 40 प्रतिशत लाभ
महाराष्ट्र सरकार ने 'पिंक ई-रिक्शा' योजना में बड़ा बदलाव करते हुए महिलाओं के लिए सरकारी अनुदान 20 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया है। जानिए किसे मिलेगा लाभ।

तस्वीर में खुले मैदान में खड़े सजाए गए गुलाबी रंग के ई-रिक्शा दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें फूलों की मालाओं और गुब्बारों से सजाया गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से संचालित 'पिंक ई-रिक्शा' योजना में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग ने योजना के तहत ई-रिक्शा खरीदने पर दिए जाने वाले सरकारी अनुदान को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 40 प्रतिशत करने का फैसला लिया है। इस संबंध में संशोधित शासन निर्णय जारी कर दिया गया है।
सरकार के इस निर्णय से ई-रिक्शा खरीदने वाली महिलाओं पर बैंक ऋण का बोझ काफी हद तक कम होगा और उनकी मासिक आय में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है। योजना में किए गए इस बदलाव का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसका लाभ केवल नए आवेदकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि योजना के शुरुआती चरण में शामिल लाभार्थी महिलाओं को भी मिलेगा।
जिन महिलाओं ने पहले 20 प्रतिशत सरकारी अनुदान पर ई-रिक्शा खरीदा था, उन्हें अब शेष 20 प्रतिशत अतिरिक्त अनुदान भी प्रदान किया जाएगा। यह अतिरिक्त राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाएगी, जिससे वे अपने ई-रिक्शा ऋण का भुगतान जल्द कर सकेंगी।
नई नीति के अनुसार ई-रिक्शा की कुल कीमत का 40 प्रतिशत हिस्सा सरकार अनुदान के रूप में वहन करेगी, जबकि लाभार्थी महिला को केवल 10 प्रतिशत राशि स्वयं जमा करनी होगी। शेष 50 प्रतिशत राशि शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अथवा राष्ट्रीयकृत और सहकारी बैंकों के माध्यम से आसान ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी।
सुरक्षित महिला परिवहन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के आठ प्रमुख जिलों में लागू इस योजना के तहत अब कुल 5,000 महिलाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अनुदान वितरण की पूरी प्रक्रिया पुणे स्थित महिला एवं बाल विकास आयुक्त कार्यालय के माध्यम से संचालित की जाएगी। योजना को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए आवश्यक नीतिगत बदलाव करने के अधिकार महिला एवं बाल विकास मंत्री के पास सुरक्षित रखे गए हैं।
महाराष्ट्र सरकार के इस निर्णय से राज्यभर की कामकाजी और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही योजना के पहले चरण की लाभार्थी महिलाओं को भी अतिरिक्त अनुदान का लाभ मिलने से उनके ऋण का बोझ कम होगा और योजना के दायरे में अधिक महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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