जूलरों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई में वीडियोग्राफी अनिवार्य: योगेश कदम
गृह राज्यमंत्री ने विधानसभा में बताया कि स्वर्णकारों से पूछताछ और आभूषणों की जब्ती के दौरान पारदर्शिता के लिए अब वीडियो रिकॉर्डिंग करना पुलिस के लिए जरूरी होगा।

मुंबई। राज्य के गृह राज्यमंत्री योगेश कदम ने विधानसभा में जानकारी देते हुए कहा कि जूलरों और स्वर्णकारों से जुड़े मामलों में पुलिस की किसी भी कार्रवाई के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब से किसी भी प्रकार की पूछताछ, कार्रवाई या आभूषण और सोने की जब्ती जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के समय वीडियो रिकॉर्डिंग करना पुलिस के लिए जरूरी होगा।
मार्च 2024 में तैयार हुई विशेष कार्यप्रणाली
गृह राज्यमंत्री कदम ने सदन को बताया कि मार्च 2024 में जूलरों से जुड़े मामलों के लिए एक विशेष कार्यप्रणाली (स्पेशल ऑपरेशनल प्रोसीजर) तैयार की गई थी। इस नई व्यवस्था के सुचारू कार्यान्वयन के तहत जिला स्तर पर विशेष समितियों का गठन भी किया जाना सुनिश्चित किया गया है।
बरामदगी और जब्ती के लिए कड़े दिशा-निर्देश
योगेश कदम ने कहा कि "जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि सोने या आभूषण की बरामदगी या जब्ती की कार्रवाई के दौरान वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से की जाएगी।" उन्होंने जोर देकर कहा कि अब बिना वीडियोग्राफी के पुलिस द्वारा इस तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और स्वर्णकारों के हितों की रक्षा करना है।

Pratahkal Bureau
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