मुंबई का कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड इस समय मीथेन गैस के भारी उत्सर्जन के कारण वैश्विक स्तर पर जांच के दायरे में आ गया है, वहीं इस गंभीर स्थिति के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) प्रशासन पर नियमों की अनदेखी करने का एक और गंभीर आरोप लगा है। स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा को दांव पर लगाकर डंपिंग ग्राउंड के प्रतिबंधित बफर जोन में व्यावसायिक और आवासीय निर्माण कार्यों की अनुमतियां जारी किए जाने से प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बीएमसी की स्थायी समिति के सदस्य अशरफ आजमी ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाते हुए प्रशासन को घेरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डंपिंग ग्राउंड के आसपास सुरक्षा के लिहाज से बफर जोन का होना अनिवार्य है, किंतु बीएमसी प्रशासन लगातार नियमों को ताक पर रखकर इस संवेदनशील क्षेत्र के बिल्कुल नजदीक निर्माण कार्यों को मंजूरी दे रहा है। प्रशासन की इस घोर लापरवाही का सीधा और घातक असर कांजुरमार्ग और विक्रोली जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाली जहरीली गैसों और प्रदूषण के कारण स्थानीय नागरिक सांस लेने में तकलीफ, एलर्जी और अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं।

इस संवेदनशील स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए कांग्रेस नेता अशरफ आजमी ने बीएमसी प्रशासन से तत्काल जवाब मांगा है। उन्होंने मांग की है कि बीएमसी प्रशासन इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़े और लैंडफिल प्रबंधन को लेकर बनाई गई भविष्य की योजनाओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट तथा प्रेजेंटेशन स्थायी समिति के समक्ष पेश करे। हजारों मुंबईकरों के जीवन को इस नारकीय स्थिति से बचाने के लिए प्रशासन की जवाबदेही तय करना अब अनिवार्य हो गया है।

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