मुंबई। हाल ही में सोने की कीमतों में आई भारी उछाल के कारण भारतीय घरों में रखे सोने का कुल अनुमानित मूल्य $5 ट्रिलियन के पार पहुंच गया है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय घरों में मौजूद यह सोना देश की कुल जीडीपी का लगभग 125% है। रिपोर्ट में जनवरी 2026 तक के आंकड़ों का उपयोग किया गया है, जिसके अनुसार $5 ट्रिलियन का यह मूल्य लगभग 445 लाख करोड़ रुपये बैठता है। यह आंकड़ा बीएसई के डेटा के अनुसार भारत के कुल बाजार पूंजीकरण (460 लाख करोड़ रुपये) से थोड़ा ही कम है।

घरेलू वेल्थ और निवेश का बदलता स्वरूप

इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह घरों की गैर-संपत्ति वेल्थ का 65% हिस्सा है और परिवारों के पास मौजूद कुल बैंक जमा व इक्विटी के मूल्य का 175% है। पिछले करीब 5 वर्षों में घरों में रखे सोने के मूल्य में 4 गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। मार्च 2019 के अंत में इसका मूल्य 109 लाख करोड़ रुपये था, जो इस साल जनवरी के अंत तक 445 लाख करोड़ रुपये हो गया है।

वित्तीय बचत का भौतिक संपत्ति में परिवर्तन

संजीव प्रसाद, अनिंद्य भौमिक और सुनीता बलदावा द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि "यह प्रवृत्ति मूल रूप से वित्तीय बचत (बैंक जमा) का भौतिक संपत्ति में बदलना है।" इस भारी मांग को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर सोने का आयात किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप आरबीआई (RBI) के विदेशी मुद्रा भंडार में कमी आती है।

Pratahkal Bureau

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