कल्याण में बंटी-बबली गैंग ने दो जूलर्स को लगाया लाखों का चूना
कल्याण में ‘बंटी-बबली’ की जोड़ी ने पति की बीमारी का बहाना बनाकर दो जूलर्स को नकली सोने की अंगूठियाँ गिरवी रखकर लाखों रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपी दंपति फिलहाल फरार है।

मुंबई। ठाणे जिले के कल्याण में एक शातिर दंपति ने ‘बंटी-बबली’ की तर्ज पर ठगी की ऐसी साजिश रची कि शहर के दो जूलर्स लाखों रुपये गँवा बैठे। पति की बीमारी का सहारा लेकर महिला ने ज्वैलर्स का भरोसा जीता, जबकि नकली सोने की अंगूठियों के ज़रिए दोनों ने दुकानदारों से मोटी रकम वसूल ली। तीन दिनों के भीतर दो अलग-अलग दुकानों पर इस ठगी को अंजाम दिया गया, जिससे ज्वैलरी कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
पहला मामला 1 अक्टूबर की शाम का है। कल्याण के प्रसिद्ध ‘पंकज ज्वैलर्स’ में एक महिला अपने पति के साथ पहुँची। उसने भावनात्मक लहजे में बताया कि उसका पति गंभीर रूप से बीमार है और इलाज के लिए तत्काल पैसों की आवश्यकता है। भरोसा जीतने के लिए उसने बीआईएस हॉलमार्क वाली दो सोने की अंगूठियाँ गिरवी रखने की पेशकश की। ज्वैलर्स के मालिक पराग किरण जैन को अंगूठियाँ असली प्रतीत हुईं और उन्होंने बिना देर किए महिला को नकद राशि दे दी।
अगले ही दिन से यह जोड़ी फिर सक्रिय हुई। शुक्रवार, 3 अक्टूबर को वही दंपति ‘संघवी ज्वैलर्स’ पहुँचे, जहाँ मालिक महेंद्र शंकलेशा को भी उन्होंने उसी कहानी के जाल में फँसा लिया। उन्होंने वहां भी बीआईएस हॉलमार्क की मुहर लगी अंगूठियाँ गिरवी रखीं और पैसे लेकर चले गए। कुछ समय बाद जब अंगूठियों की जांच की गई, तो यह खुलासा हुआ कि वे सोने की नहीं बल्कि चांदी की थीं, जिन पर सोने की परत चढ़ाई गई थी।
धोखाधड़ी की सच्चाई सामने आते ही दोनों ज्वैलर्स ने पुलिस से संपर्क किया। पराग जैन की शिकायत पर कल्याण पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी अलग-अलग दुकानों पर पहले से निगरानी कर रहे थे और ज्वैलर्स की आदतों व कामकाज के तरीके का अध्ययन करने के बाद ही उन्होंने अपनी चाल चली। महिला ने अपने अभिनय और सहानुभूति के जरिए दुकानदारों का भरोसा जीत लिया, जबकि उसके साथ आया पुरुष सभी लेन-देन को संभालता रहा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों की उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच है। वे बेहद साधारण कपड़ों में आते थे ताकि संदेह न हो। जांच में यह भी पता चला है कि उन्होंने बीआईएस हॉलमार्क जैसी नकली मुहरें तैयार कराई थीं, जिससे उनकी अंगूठियाँ असली जैसी लगें। पुलिस अब आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और शहर के अन्य ज्वैलर्स को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
कल्याण पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि यह दंपति संभवतः अन्य शहरों में भी इसी तरह की ठगी को अंजाम दे चुका है। पुलिस ने संदिग्धों की तस्वीरें और विवरण अन्य थानों में साझा किए हैं ताकि उनकी पहचान की जा सके। फिलहाल दोनों फरार हैं और उनकी तलाश में पुलिस की विशेष टीम गठित की गई है।
इस घटना ने शहर के व्यापारिक समुदाय में चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय ज्वैलर्स एसोसिएशन ने पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने और ऐसे मामलों में शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने अपने सदस्यों से अपील की है कि किसी भी गिरवी या खरीद-बिक्री के लेन-देन से पहले ग्राहकों की पहचान की पूरी जांच करें और बीआईएस हॉलमार्क की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करें।
‘बंटी-बबली’ शैली में की गई इस ठगी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि भावनात्मक छल और योजनाबद्ध अपराध किस तरह आम कारोबारियों को निशाना बना सकते हैं। पुलिस अब इस जोड़ी की तलाश में विभिन्न मार्गों की निगरानी कर रही है, जबकि व्यापारी समुदाय सतर्कता बरतने की अपील कर रहा है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
