गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड पर बीएमसी का बड़ा एक्शन, 180 अवैध निर्माण ध्वस्त, रास्ता साफ
मुंबई में बीएमसी ने गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड के रास्ते में आ रहे 180 निर्माण हटाए। जानिए कार्रवाई, मलबा निकासी और 108 पात्र निवासियों के पुनर्वासन की पूरी जानकारी।

तस्वीर में एक जेसीबी मशीन मलबे के बीच निर्माण कार्य को गिराती नजर आ रही है。
मुंबई में गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के रास्ते में आ रहे 180 निर्माणों को बीएमसी ने ध्वस्त कर दिया है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2026 को बीएमसी के ‘एस’ वार्ड ने खिंडीपाड़ा और सोनापुर इलाके में बड़ी कार्रवाई करते हुए सड़क निर्माण में बाधा बन रहे इन निर्माणों को पूरी तरह हटा दिया। इस कार्रवाई के बाद ‘एस’ वार्ड की सीमा में आने वाले गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड का रास्ता लगभग पूरी तरह साफ हो गया है। इससे परियोजना के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया है।
मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों को जोड़ने वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना को चार अलग-अलग चरणों में पूरा किया जा रहा है। लगभग 12.20 किलोमीटर लंबे गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड प्रोजेक्ट में फ्लाईओवर, चौड़ी सड़कों और भूमिगत सुरंग का निर्माण शामिल है। परियोजना के काम में तेजी लाने के लिए बीएमसी प्रशासन ने सड़क के रास्ते में आ रहे निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की।
बीएमसी के डिप्टी कमिश्नर और ‘एस’ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। कार्रवाई में 30 से अधिक इंजीनियर और 100 कर्मचारी तैनात किए गए। निर्माणों को हटाने के लिए 4 पोकलेन, 4 जेसीबी मशीनों और 10 डंपरों का इस्तेमाल किया गया। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मौके पर 90 से अधिक पुलिसकर्मियों को भी तैनात रखा गया था।
कार्रवाई पूरी होने के बाद संबंधित स्थानों से मलबा हटाने का काम तेजी से जारी है। बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, मलबा हटाने का उद्देश्य परियोजना के काम को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाना है। रास्ते से निर्माण संबंधी बाधाएं दूर होने के बाद सड़क चौड़ीकरण के काम को गति मिलने की उम्मीद है।
वहीं, परियोजना से प्रभावित लोगों के पुनर्वासन के मामले में बीएमसी प्रशासन ने बताया कि जिन प्रभावित लोगों के पास वैध कागजात पाए गए थे, ऐसे 108 पात्र निवासियों का पुनर्वासन भी पूरा कर दिया गया है। इस तरह प्रशासन ने निर्माण हटाने की कार्रवाई के साथ पात्र प्रभावित निवासियों के पुनर्वासन की प्रक्रिया भी पूरी की है।
गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विकसित की जा रही महत्वपूर्ण सड़क परियोजना है। खिंडीपाड़ा और सोनापुर में 180 निर्माण हटाए जाने तथा मलबा निकासी का काम जारी रहने से परियोजना के रास्ते की बाधाएं काफी हद तक दूर हुई हैं। सड़क का रास्ता साफ होने से गोरेगांव और मुलुंड के बीच यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों को आने वाले दिनों में यातायात जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

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