मुंबई मेट्रो लाइन 2B साइट पर 400 टन की क्रेन पलटी। बीकेसी में एशियन हार्ट हॉस्पिटल के पास हुए हादसे में कोई घायल नहीं। तकनीकी खराबी की जांच शुरू, पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

Mumbai Metro crane topples BKC : देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मेट्रो निर्माण के दौरान बुधवार तड़के एक भीषण हादसा सामने आया, जिसने सुरक्षा मानकों पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) के पास एशियन हार्ट हॉस्पिटल जंक्शन पर मेट्रो लाइन 2B के निर्माण कार्य के दौरान लगभग 400 टन वजनी एक विशालकाय क्रेन अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। सुबह करीब 4:30 बजे हुए इस हादसे के वक्त साइट पर निर्माण कार्य जोरों पर था, लेकिन गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। क्रेन के गिरने की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया, हालांकि समय रहते मजदूरों के सुरक्षित दूरी पर होने के कारण एक बड़ी त्रासदी टल गई।

हादसे की विस्तृत जानकारी देते हुए एमएमआरडीए (MMRDA) के अधिकारियों ने बताया कि यह घटना आईएलएंडएफएस (IL&FS) स्टेशन पर प्लेटफॉर्म के भारी तत्वों को स्थापित करने के दौरान हुई। शुरुआती जांच में क्रेन के लिफ्टिंग बूम में 'गियर फेलियर' को इस दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है। निर्माण स्थल पर इमारतों के बीच कम जगह और पास ही में चल रहे बुलेट ट्रेन के काम की वजह से परिचालन क्षेत्र काफी संकुचित था, जिसके चलते संतुलन बिगड़ने पर एक क्रेन दूसरी क्रेन पर जा गिरी। निर्माण कार्य का जिम्मा संभाल रहे ठेकेदार जे. कुमार इन्फ्राप्रोजेक्ट्स के लिए यह एक बड़ी तकनीकी विफलता मानी जा रही है, क्योंकि इतनी भारी मशीनरी के संचालन में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य होता है।

घटना के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया और क्रेन को हटाने के लिए साइट पर 600 टन क्षमता वाली एक बड़ी क्रेन मंगवाई गई। इस प्रक्रिया के दौरान जंक्शन पर यातायात को कुछ समय के लिए डायवर्ट किया गया ताकि रिकवरी कार्य में कोई बाधा न आए। एमएमआरडीए ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या यह केवल एक यांत्रिक विफलता थी या इसमें मानवीय लापरवाही भी शामिल थी। 19.5 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन 2B का विस्तार मुंबई की कनेक्टिविटी के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन शहरी चुनौतियों के बीच इस तरह के हादसे सुरक्षा प्रबंधन की खामियों को उजागर करते हैं।

यह घटना उन जोखिमों की याद दिलाती है जो घनी आबादी वाले शहरों में बड़े बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स के साथ जुड़े होते हैं। मेट्रो लाइन 2B का काम भले ही तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन तकनीकी सुरक्षा और कड़े निरीक्षण के बिना ऐसी सफलता अधूरी मानी जाएगी। प्रशासन के लिए अब यह अनिवार्य हो गया है कि वह भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। मुंबई की रफ्तार को बनाए रखने के साथ-साथ वहां काम करने वाले श्रमिकों और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना ही विकास की असली कसौटी है।

Updated On 15 April 2026 5:22 PM IST
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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