नकली पुलिसवालों ने जूलर को अगवा कर 34 लाख की कीई लूट
नवी मुंबई में सनसनीखेज वारदात, नकली पुलिसवर्दी पहनकर चार बदमाशों ने जूलर और उसके तीन कर्मचारियों का अपहरण कर 34 लाख की लूट को अंजाम दिया।पनवेल शहर पुलिस ने शिकायत दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

नवी मुंबई। शहर के करंजडे इलाके में 26 सितंबर की रात एक सनसनीखेज वारदात ने लोगों को हिलाकर रख दिया। पुलिस की वर्दी पहने चार नकली पुलिसकर्मियों ने एक युवा जूलर और उसके तीन कर्मचारियों का अपहरण कर उनसे लाखों रुपये मूल्य का सोना और नकदी लूट ली। रात करीब 11:30 बजे हुई इस वारदात ने नवी मुंबई में व्यापारियों और आम नागरिकों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है।
पीड़ित जूलर, 24 वर्षीय विराज शिरकंडे, उस रात मुंबई के जवेरी बाजार से अपने तीन कर्मचारियों के साथ लौट रहे थे। उनके पास दो सोने के बिस्कुट और एक कारोबारी सौदे से अर्जित 10 लाख रुपये नकद थे। ये सभी लोग अपने बिजनेस पार्टनर की कार में बैठकर करंजडे स्थित विराज के घर की ओर बढ़ रहे थे। घर से कुछ ही दूरी पर, करंजडे रेलवे ट्रैक क्रॉसिंग के पास उनकी गाड़ी को चार व्यक्तियों ने रोका, जो पुलिस की वर्दी में थे।
जूलर ने अपनी शिकायत में बताया कि इन चारों व्यक्तियों ने पुलिस होने का नाटक करते हुए उन्हें गाड़ी से बाहर निकाला और कथित पूछताछ के बहाने अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद जूलर और उसके कर्मचारियों को डराकर-धमकाकर उनसे सोना और नकदी छीन ली गई। पूरी लूटपाट के दौरान चारों आरोपी पूरी तरह पेशेवर अंदाज़ में काम करते रहे, जिससे शुरू में जूलर और उसके साथी उन्हें असली पुलिसकर्मी ही समझ बैठे।
इस घटना में जूलर और उसके कर्मचारियों को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाया गया, लेकिन उन्हें गहरी मानसिक पीड़ा और डर का सामना करना पड़ा। घटना के तुरंत बाद विराज शिरकंडे ने पनवेल शहर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उनकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत अपहरण और डकैती का मामला दर्ज कर लिया है।
पनवेल शहर पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल का गठन किया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने जिस तरह से वर्दी का इस्तेमाल किया और पूरी योजना को अंजाम दिया, उससे साफ है कि वे अपराध की बारीकियों को अच्छी तरह समझते थे। जांच के दौरान आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और उन रास्तों पर नाकाबंदी की गई है, जहां से आरोपी फरार हो सकते थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच से यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपियों ने जूलर की गतिविधियों पर पहले से नज़र रखी थी और मौके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। चूंकि जूलर सोने के बिस्कुट और बड़ी नकदी लेकर लौट रहा था, यह संभावना जताई जा रही है कि आरोपियों को पहले से इसकी जानकारी थी।
इस वारदात ने नवी मुंबई और पनवेल के व्यापारिक समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। व्यापारी संगठन और स्थानीय निवासी पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए सभी संसाधन झोंक दिए गए हैं। पनवेल शहर पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी को इस मामले से संबंधित कोई जानकारी हो तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
नवी मुंबई में नकली पुलिसकर्मियों द्वारा अंजाम दी गई यह वारदात न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी चेतावनी देती है कि अपराधी अब लोगों के विश्वास को हथियार बनाकर अपराध को अंजाम देने लगे हैं। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और व्यापारी समुदाय इस उम्मीद में है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़कर न्याय दिलाया जाएगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
