मुंबई। अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन के बाद मुंबई महानगरपालिका ने उत्सव के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए ‘एक गणपति, एक पौधा’ अभियान शुरू किया है। मुंबई की महापौर रितू राजेश तावड़े की सोच से शुरू किए गए इस अभियान को पूरे शहर में लागू किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य गणेशोत्सव के बाद विसर्जित मूर्तियों की मिट्टी का उपयोग पौधारोपण के लिए कर शहर को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने की दिशा में काम करना है।

अभियान को बढ़ावा देने के लिए महापौर रितू तावड़े ने खुद पौधारोपण कर इसकी शुरुआत की। भायखला स्थित महापौर निवास पर स्थापित डेढ़ दिन की पर्यावरण-अनुकूल मिट्टी की गणेश मूर्ति का विसर्जन परिसर में बनाए गए कृत्रिम कुंड में किया गया था। विसर्जन के बाद घुली हुई मिट्टी और जल का उपयोग महापौर ने अपने बंगले के बगीचे में तुलसी और सूरजमुखी के पौधे लगाने के लिए किया।

महापौर रितू तावड़े ने कहा कि बाप्पा मिट्टी से बनते हैं और विसर्जन के बाद फिर से प्रकृति में मिल जाते हैं। जब इस मिट्टी का इस्तेमाल नए पौधों को उगाने में किया जाता है, तो बाप्पा का आशीर्वाद साल भर पेड़-पौधों के रूप में हमारे साथ रहता है।

बीएमसी ने इस वर्ष मुंबई में विसर्जित हुई गणेश मूर्तियों की कुल संख्या के बराबर नए पेड़ लगाने का लक्ष्य रखा है। महापौर ने मुंबईकरों, हाउसिंग सोसायटियों और गणेश मंडलों से इस पर्यावरण-अनुकूल पहल को अपनाने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि लोग अपने घरों में विसर्जित पर्यावरण-अनुकूल गणेश मूर्तियों से प्राप्त मिट्टी का इस्तेमाल गमलों और बगीचों में पौधे लगाने के लिए करें। प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करना ही बाप्पा की सबसे सच्ची सेवा है।

‘एक गणपति, एक पौधा’ अभियान के तहत गणेश विसर्जन के बाद बची मिट्टी को पौधारोपण से जोड़ने की पहल उत्सव और पर्यावरण संरक्षण के बीच संबंध स्थापित करने पर केंद्रित है। बीएमसी का इस वर्ष विसर्जित गणेश मूर्तियों की कुल संख्या के बराबर नए पेड़ लगाने का लक्ष्य अभियान के व्यापक स्तर को दर्शाता है।

Pratahkal Newsroom

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