उपमहापौर संजय घाडी के लिए रानी बाग में सरकारी बंगले की मांग को महापौर का समर्थन
मुंबई में उपमहापौर संजय घाडी के लिए रानी बाग में सरकारी बंगले की मांग को महापौर रितु तावड़े का समर्थन, अब आयुक्त के फैसले पर नजर।

महानगरपालिका में जनप्रतिनिधियों के आधिकारिक निवास को लेकर नया राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा सामने आया है। मुंबई की महापौर रितु तावड़े ने उपमहापौर संजय घाडी की उस मांग का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने भायखला स्थित ऐतिहासिक वीरमाता जीजाबाई भोसले उद्यान परिसर में खाली पड़े एक सरकारी बंगले को अपने निवास के लिए आवंटित करने का आग्रह किया है।
महापौर रितु तावड़े ने इस मामले में सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा है कि वे जल्द ही मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे से व्यक्तिगत रूप से सिफारिश करेंगी। उनका प्रयास रहेगा कि जल अभियंता विभाग के स्वामित्व वाले खाली बंगलों में से एक बंगला उपमहापौर के आधिकारिक निवास के लिए आवंटित किया जा सके।
यह मामला पिछले सप्ताह उस समय सामने आया था, जब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के वरिष्ठ पार्षद और उपमहापौर संजय घाडी ने प्रशासन के समक्ष एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। घाडी ने दहिसर से भायखला स्थित मुंबई महानगरपालिका मुख्यालय तक की लंबी दूरी और रोजाना होने वाली यातायात संबंधी परेशानियों का हवाला देते हुए सरकारी बंगले की मांग की थी।
संजय घाडी का कहना था कि दहिसर से मुख्यालय तक आने-जाने में लगने वाला समय महत्वपूर्ण आधिकारिक बैठकों और आपातकालीन प्रशासनिक चर्चाओं में समय पर शामिल होने में बाधा बनता है। हालांकि, इस मांग पर महानगरपालिका प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या निर्णय सामने नहीं आया है।
शुक्रवार को महापौर रितु तावड़े ने इस मांग को जायज बताते हुए प्रशासनिक दृष्टिकोण से आवश्यक बताया। उन्होंने उपमहापौर पद की गरिमा और जिम्मेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि महानगरपालिका के सुचारू कामकाज में उपमहापौर का कार्यालय भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि महापौर का पद।
महापौर ने कहा कि महापौर की अनुपस्थिति में सदन की कार्यवाही संभालने और शहर के हित से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में भूमिका निभाने की जिम्मेदारी उपमहापौर की होती है। ऐसे में मुंबई के मध्य क्षेत्र में उनका आधिकारिक आवास होना आवश्यक है।
रितु तावड़े ने यह भी बताया कि रानी बाग परिसर में जल अभियंता विभाग के कई आलीशान बंगले बिना उपयोग के खाली पड़े हैं। उनका कहना है कि यदि इनमें से किसी खाली बंगले का उपयोग महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि के निवास के लिए किया जाता है, तो इससे प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी और आम लोगों को अपने प्रतिनिधियों तक पहुंचने में भी सुविधा होगी।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मुंबई महानगरपालिका आयुक्त अश्विनी भिडे महापौर की सिफारिश और उपमहापौर संजय घाडी की मांग पर क्या निर्णय लेती हैं।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
