मुंबई के दादर स्थित ऐतिहासिक शिवाजी पार्क मैदान में बने प्रसिद्ध उद्यान गणेश मंदिर को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने नोटिस जारी किया है। बीएमसी ने मंदिर परिसर में बिना अनुमति बनाए गए बांस के शेड को अवैध निर्माण माना है और मंदिर ट्रस्ट को इसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं। बीएमसी के जी-उत्तर वार्ड की ओर से नोटिस जारी होने के बाद स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं के बीच हलचल तेज हो गई है।

शिवाजी पार्क की पहचान माने जाने वाले उद्यान गणेश मंदिर में गणेशोत्सव का पर्व बड़े स्तर पर मनाया जाता है। त्योहार के दौरान मंदिर में आने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर प्रशासन ने परिसर में बांस का एक अस्थाई शेड बनाया था। हालांकि, बीएमसी की जांच में सामने आया कि यह निर्माण पूर्व अनुमति के बिना किया गया है।

बीएमसी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि मंदिर ट्रस्ट ने स्वयं इस शेड को नहीं हटाया, तो प्रशासन जल्द ही इसे तोड़ने की कार्रवाई कर सकता है। नोटिस के बाद अब मंदिर ट्रस्ट के अगले कदम पर नजर बनी हुई है।

शिवाजी पार्क के कोने में स्थित इस मंदिर का अपना ऐतिहासिक महत्व है। साल 1966 में शिवाजी पार्क में गणपति बाप्पा की एक छोटी सी मूर्ति मिली थी। इसके बाद भक्तों ने इसका नाम ‘उद्यान गणेश’ रख दिया। बाद में साल 1970 में यहां विधिवत मंदिर की स्थापना की गई।

स्थानीय लोगों, खिलाड़ियों और कई प्रमुख हस्तियों के लिए यह मंदिर आस्था का केंद्र रहा है। गणेशोत्सव के दौरान बीएमसी की ओर से शेड हटाने के निर्देश दिए जाने के बाद भक्तों में नाराजगी देखी जा रही है। अब सभी की निगाहें मंदिर ट्रस्ट के जवाब और इस मामले में आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

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