मीरा-भाईंदर वसई-विरार पुलिस आयुक्तालय के डिविजन-1 की क्राइम ब्रांच यूनिट-4 ने अंतरराज्यीय स्तर पर चल रहे बड़े ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच की टीम ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में ताबड़तोड़ छापेमारी कर 21 ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान अब तक 69 किलो 759 ग्राम एमडी ड्रग्स, 260 लीटर केमिकल, ड्रग्स बनाने के लिए जरूरी लैब उपकरण और लाखों रुपये नकद सहित कुल 139 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया गया है।

क्राइम ब्रांच यूनिट-4 के पीआई प्रमोद बदाख को गुप्त सूचना मिली थी कि नालासोपारा पूर्व के तुलिंज पुलिस स्टेशन क्षेत्र के प्रगति नगर इलाके में कुछ लोग नशीले पदार्थों की हेराफेरी करने वाले हैं। सूचना के आधार पर पीआई प्रमोद बदाख के मार्गदर्शन में टीम ने छापेमारी की। इस दौरान प्रिया वॉशिंग सेंटर के बगल में बाबा पार्किंग क्षेत्र से अविनाश उर्फ सोनू लोकनाथ अय्यर, उम्र 22 वर्ष, और रविकांत ओमप्रकाश, उम्र 23 वर्ष, को पकड़ा गया। दोनों के पास से 112 ग्राम मेफेड्रोन (एमडी) बरामद हुआ, जिसकी कीमत 3,36,000 रुपये थी। दोनों इसे बेचने के लिए आए थे।

दोनों आरोपियों के खिलाफ तुलिंज पुलिस स्टेशन में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट की धारा 8 (a), 21 (a), 22 (a), 25, 25 (a), 29, 9 (a) के साथ-साथ बीएनएस की धारा 238 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दोनों की गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच यूनिट-4 के पीआई प्रमोद बदाख ने उनसे पूछताछ की। पूछताछ में सामने आया कि बरामद मेफेड्रोन (एमडी) के तार उत्तर प्रदेश, गुजरात और मुंबई के कई क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं। इसके बाद बड़े पैमाने पर अंतरराज्यीय स्तर पर चल रहे ड्रग्स रैकेट का खुलासा हुआ।

क्राइम ब्रांच यूनिट-4 की टीम में सपोनी/प्रवीण भोसले, प्रशांत गंगुर्डे, दत्तात्रय सरक, उमेश भागवत, मनोहर टावरे, योगेश देशमुख, संतोष मदने, शिवाजी पाटिल, रविंद्र भालेराव, विजय गायकवाड़, प्रवीणराज पवार, धनंजय चौधरी, हनुमंत सूर्यवंशी, समीर यादव, अश्विन पाटिल, रविंद्र कांबले और संदीप शेरमले आदि शामिल रहे। टीम ने अलग-अलग राज्यों में छापेमारी कर आरोपियों को गिरफ्तार किया।




गिरफ्तार आरोपियों में शान इरफान गजाली, उम्र 30 वर्ष, कोलाबा, मुंबई; मोइनुद्दीन शब्बीर पटेल, उम्र 28 वर्ष, अग्रीपाड़ा, मुंबई; अदनान रज्जाक जुनेजा, उम्र 36 वर्ष, चिंचबंदर, मुंबई; धवलपुरी शंकरपुरी गोस्वामी, उम्र 33 वर्ष, मांडवी, जिला कच्छ, गुजरात; मोहम्मद बिलाल मोहम्मद यूसुफ मलकानी, उम्र 30 वर्ष, मदनपुरा, मुंबई; फैजान मोहम्मद यूसुफ मलकानी, उम्र 33 वर्ष, मुंबई कल्याण; सोहेल सलीम शेख, उम्र 24 वर्ष, कर्जत; फैजान नसरुद्दीन कर्णेकर, उम्र 21 वर्ष, कर्जत; जाहिद हनीफ शेख उर्फ जावेद भाई, उम्र 35 वर्ष, कर्जत; जुम्मा तालाब ठाकरा, उम्र 34 वर्ष, कच्छ, गुजरात; आर्यन हारुन सैयद उर्फ जालिम, उम्र 25 वर्ष, कल्याण; मोहम्मद हसीब सिद्दीकी उर्फ एजाज मर्चेंट, उम्र 36 वर्ष, कुर्ला पश्चिम; रहीम ताहिर पिंजारी, उम्र 28 वर्ष, मेहरुन, जलगांव; सैयद मुशाइद अली मुमताज अली, उम्र 39 वर्ष, उस्मानिया पार्क, जलगांव; मोइनुद्दीन उस्मान बादशाह शेख उर्फ मोइन, उम्र 24 वर्ष, मुंब्रा; मोहम्मद असीम कसम कुरैशी, उम्र 26 वर्ष, नागपाड़ा, मुंबई; रजनीश रामचंद्र मिश्रा, उम्र 30 वर्ष, भदोई, उत्तर प्रदेश; और शिवधन शंभूनाथ मिश्रा, उम्र 28 वर्ष, भदोई, उत्तर प्रदेश शामिल हैं। इस कार्रवाई में कुल 21 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, सात तस्करों ने मिलकर गुजरात के कच्छ स्थित जुम्मा तालाब ठाकरा की खेती की जमीन पर अवैध फैक्टरी बनाई थी। इसी फैक्टरी से मेफेड्रोन (एमडी) ड्रग्स का रैकेट चलाया जा रहा था। पुलिस टीम ने फैक्टरी को ध्वस्त कर जुम्मा ठाकरा को गिरफ्तार कर लिया।

जुम्मा ठाकरा से पूछताछ में सामने आया कि आर्यन सैयद, जिसे जालिम गैंग का गुर्गा बताया गया है, नेरल में एमडी के उत्पादन के लिए प्रयोगशाला सामग्री और रसायनों को संग्रहीत करता था। इसी बीच पुलिस कार्रवाई की भनक लगने पर जाहिद शेख उर्फ जावेद भाई ने उस केमिकल कच्चे माल को विरार-जेएनपीटी एक्सप्रेस हाईवे पर मौजे रायते, कल्याण में फेंककर नष्ट करने की कोशिश की थी। पुलिस जांच के दौरान उक्त माल जब्त कर लिया गया।

बड़े पैमाने पर चल रहे इस ड्रग्स रैकेट की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपी हसीब सिद्दीकी उर्फ एजाज मर्चेंट को मुंबई के कुर्ला से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार वह मुंबई और अन्य स्थानों पर एमडी ड्रग्स की तस्करी कर रहा था। उसके पास से 11 किलो 804 ग्राम एमडी ड्रग्स और 18.70 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।

हसीब सिद्दीकी उर्फ एजाज मर्चेंट की गिरफ्तारी के बाद हुई जांच में सामने आया कि उसने मोइनुद्दीन शेख उर्फ मोइन की मदद से एमडी ड्रग्स को जलगांव में बेचा था। इसके बाद रहीम पिंजारी और सैयद मुशाहिद अली को जलगांव, महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 4 किलो 911 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के दौरान पता चला कि उनके पास से जब्त ड्रग्स रजनीश मिश्रा और शिवधन मिश्रा से खरीदी गई थी। जांच आगे बढ़ने पर सामने आया कि उत्तर प्रदेश के जिला प्रयागराज स्थित कोसाडा कला में एक खेत में बने पत्रा शेड में एमडी ड्रग्स तैयार किया जा रहा था।

पुलिस टीम ने उक्त शेड पर छापा मारकर 52 किलो 932 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद किया। इसके अलावा एमडी ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला एमडी एमएमए (मोनो मिथाइलमाइन), एसीटोन, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, क्लोरोफॉर्म, 260 लीटर केमिकल और लैब उपकरण जब्त किए गए। जब्त उपकरणों में 250 और 150 लीटर क्षमता वाले फ्लास्क, हीटिंग मेंटल, ड्रॉपिंग फनल, थर्मामीटर आदि शामिल हैं।

इस तरह क्राइम ब्रांच यूनिट-4 की टीम ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में छापेमारी करते हुए एक के बाद एक कड़ियां जोड़ीं और कुल 21 ड्रग्स तस्करों को गिरफ्तार कर अंतरराज्यीय स्तर पर चल रहे बड़े ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश किया।

अब तक कुल 69 किलो 759 ग्राम एमडी ड्रग्स, 260 लीटर केमिकल, एमडी बनाने के लिए जरूरी लैब उपकरण, लाखों रुपये नकद सहित कुल 139 करोड़ रुपये का सामान जब्त किया जा चुका है।

जांच में सामने आया है कि आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में ड्रग्स तस्करी के कारोबार में शामिल हैं। पुलिस जांच में ड्रग्स तस्करी के अंतरराष्ट्रीय लिंक भी सामने आ रहे हैं। मामले की गहन जांच जारी है।

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