CNG Gas Pipeline : मुंबई की सड़कों पर रविवार दोपहर अचानक सन्नाटा पसर गया। हमेशा दौड़ते-भागते नजर आने वाले काली-पीली टैक्सियाँ और ऑटो रिक्शा गायब हो गए, जबकि ओला-उबर की सवारी का किराया रातोंरात दोगुना हो गया। वजह थी महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल) की मुख्य गैस पाइपलाइन का क्षतिग्रस्त होना, जिसने मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के सैकड़ों सीएनजी स्टेशनों की आपूर्ति ठप कर दी।

संकट की शुरुआत रविवार दोपहर हुई जब रसायनी के आरसीएफ परिसर में मुख्य गैस पाइपलाइन को गंभीर नुकसान पहुंचा। इसका सीधा असर पड़ा वडाला स्थित एमजीएल के सिटी गेट स्टेशन पर, जहां से पूरे महानगर क्षेत्र में सीएनजी की आपूर्ति होती है। महानगर गैस लिमिटेड ने तत्काल बयान जारी कर कहा कि पाइपलाइन क्षति के कारण वडाला सीजीएस को गैस आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है। परिणामस्वरूप मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई के सभी सीएनजी स्टेशन, जिनमें सार्वजनिक परिवहन को ईंधन देने वाले पंप भी शामिल हैं, बंद हो गए।

शहर की लाइफलाइन कहे जाने वाले ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए यह झटका अप्रत्याशित था। ईंधन खत्म होने के कारण हजारों वाहन सड़कों से हट गए। जो कुछ स्टेशन आंशिक रूप से चालू थे, वहां कतारें इतनी लंबी हो गईं कि चालक घंटों इंतजार करने को मजबूर हुए। मीरा रोड के ऑटो चालक सूफियान खान ने बताया कि वे शाम साढ़े पांच बजे तक काम खत्म कर लेते हैं और सुबह फिर लाइन में लगने से बचने के लिए वाहन कतार में खड़ा कर देते हैं। कई चालकों ने रात भर इंतजार करने का फैसला किया ताकि सुबह ईंधन मिल सके।

इस व्यवधान का असर ऐप-आधारित कैब सेवाओं पर भी पड़ा। मीरा रोड से बीकेसी की सामान्य यात्रा, जो 400-450 रुपये में पूरी हो जाती थी, रविवार शाम 550 रुपये और देर रात 600 रुपये से अधिक हो गई। सर्ज प्राइसिंग के कारण यात्रियों को भारी परेशानी हुई। सड़कों से हटाई गई टैक्सियों, ऑटो रिक्शा और निजी कैबों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन परिवहन विशेषज्ञों का अनुमान है कि हजारों वाहन प्रभावित हुए।

हालांकि एमजीएल ने स्पष्ट किया कि घरेलू पीएनजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता के आधार पर निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि जैसे ही पाइपलाइन की मरम्मत पूरी होगी और वडाला सीजीएस में आपूर्ति बहाल होगी, पूरे नेटवर्क में गैस आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। शाम तक मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल करना शुरू कर दिया गया।

यह घटना एक बार फिर मुंबई जैसे महानगर की ऊर्जा निर्भरता की नाजुकता को उजागर करती है। एक छोटी-सी पाइपलाइन क्षति ने न केवल सार्वजनिक परिवहन को ठप किया, बल्कि लाखों नागरिकों की दिनचर्या को प्रभावित किया। जैसे-जैसे आपूर्ति सामान्य हो रही है, शहर फिर से अपनी रफ्तार पकड़ने लगा है, लेकिन यह संकट एक सबक है कि वैकल्पिक व्यवस्थाओं और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत अब और बढ़ गई है।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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