मुंबई। महाराष्ट्र विधानसभा का मंगलवार का सत्र कड़वी चेतावनी और सख्त संदेश का साक्षी बना। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विधायकों को स्पष्ट रूप से चेताया कि प्रश्नकाल के दौरान उनकी प्रमुख सामाजिक योजना ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन’ का असंबद्ध मुद्दों में बार-बार उल्लेख नहीं किया जाए।

सत्र के दौरान इस योजना के निरंतर संदर्भों पर नाराज़गी जाहिर करते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि योजना का इस्तेमाल केवल प्रासंगिक राजनीतिक चर्चाओं तक ही सीमित होना चाहिए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, “अगर यह प्रवृत्ति जारी रही, तो संबंधित विधायक को सदन में बैठना पड़ेगा।” मुख्यमंत्री की इस चेतावनी ने सदन में एक पल के लिए मौन छा गया।

मुख्यमंत्री की नाराज़गी तब और स्पष्ट हुई जब कांग्रेस विधायक ज्योति गायकवाड ने प्रश्नकाल में किसी अन्य विषय पर चर्चा करते हुए योजना का उल्लेख कर दिया। फडणवीस ने कहा कि यह योजना राज्य की महत्वपूर्ण पहल है और इसे असंबंधित राजनीतिक बहस में खींचा जाना अनुचित है। उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि योजना नियमित रूप से जारी रहेगी और इसके लिए किसी अन्य कार्यक्रम से निधि या संसाधन नहीं लिए जाएंगे।

सीएम की चेतावनी का असर तुरंत दिखाई दिया। जब भाजपा विधायक अभिमन्यु पवार ने कथित अवैध शराब वितरण के मुद्दे पर योजना का संक्षिप्त उल्लेख किया, तो फडणवीस ने उन्हें तुरंत रोका और अपनी चेतावनी दोहराई। इसके बाद प्रश्नकाल के शेष समय में किसी भी विधायक ने इस योजना का उल्लेख नहीं किया।

‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल है, जिसके तहत लाभार्थियों को मासिक 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। सीएम फडणवीस का मानना है कि इस तरह की संवेदनशील और लाभकारी योजना का गैर-जरूरी राजनीतिक चर्चा में उपयोग नहीं होना चाहिए, ताकि इसका उद्देश्य और प्रभाव बरकरार रहे।

Naresh Ameta (Mumbai)

Naresh Ameta (Mumbai)

नरेश अमेटा (मुंबई), प्रात:काल समाचार वेबसाइट के अनुभवी संवाददाता हैं। मुंबई से कार्यरत नरेश जी समाचार की सटीकता और निष्पक्षता के लिए जाने जाते हैं। वे प्रमुख राष्ट्रीय और स्थानीय खबरों की रिपोर्टिंग करते हैं और अपने विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण से पाठकों को घटनाओं की गहरी समझ प्रदान करते हैं। नरेश जी की लेखनी में तथ्यपरक जानकारी के साथ-साथ घटनाओं की ताज़ा और भरोसेमंद प्रस्तुति देखने को मिलती है, जो प्रात:काल के पाठकों के लिए समाचार अनुभव को और समृद्ध बनाती है।

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