नकली सोने की बिस्किट डील में कारोबारी से 41 लाख की ठगी, चार पर मामला दर्ज
मुंबई में सोने की बिस्किट डील के नाम पर मध्य प्रदेश के कारोबारी से 41 लाख रुपये की ठगी कर ली गई। नकली पुलिस छापे और अपहरण का नाटक रचकर आरोपियों ने रकम हथियाई, पवई पुलिस ने चार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

मुंबई। सोने में मुनाफे का लालच दिखाकर मध्य प्रदेश के एक कारोबारी से लाखों रुपये ठग लिए गए। यह घटना किसी फिल्मी साजिश से कम नहीं थी—नकली पुलिस छापा, अपहरण की नाटकीयता और भरोसे की आड़ में करोड़ों के कारोबार का झांसा। पवई पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों—अमित जैन, राजेश जैन, शुभम और अन्य—के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जबकि दो अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सोने में निवेश का लालच :
शिकायत के अनुसार, पीड़ित कारोबारी पीयूष गुप्ता को आरोपियों ने सोने की बिस्किट में निवेश का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने दावा किया कि इस सौदे से गुप्ता को 10 से 15 प्रतिशत का निश्चित रिटर्न मिलेगा। भरोसा बढ़ाने के लिए आरोपियों ने उसे एक गोल्ड बिस्किट भी दिखाया। 2 से 10 सितंबर के बीच गुप्ता और आरोपियों के बीच बातचीत चलती रही।
3 सितंबर को सोना देने का वादा किया गया था, लेकिन डिलीवरी नहीं हुई। इसके बावजूद आरोपियों ने गुप्ता को विश्वास दिलाया कि लेन-देन तय समय पर हो जाएगा। आखिरकार 12 सितंबर को गुप्ता को मुंबई के पवई इलाके में बुलाया गया, जहाँ धोखाधड़ी का पूरा खेल रचा गया।
41 लाख रुपये लेकर फरार :
गुप्ता जब साकीविहार रोड स्थित संतोष बार पहुँचे तो वहाँ शुभम और उसके साथियों ने उसे फिर से सोना दिखाया और पैसों की मांग की। गुप्ता ने अपना बैग सौंप दिया, जिसमें 41 लाख रुपये नकद थे। तभी घटनाक्रम अचानक बदल गया।
एक सफेद इनोवा कार वहाँ आकर रुकी और उसमें से तीन लोग उतरे। उन्होंने नकली पुलिस छापे का नाटक रचा। इन लोगों ने उस लड़के को, जिसके पास गुप्ता का बैग था, कार में बैठाया और बैग समेत फरार हो गए। गुप्ता ने जब इस पर आपत्ति जताई तो शुभम ने उसे समझाया कि यह पुलिस की कार्रवाई है और मामला दर्ज हो चुका है। उसने गुप्ता को आश्वासन दिया कि या तो पैसे लौटा देगा या फिर असली सोना मुहैया कराएगा। लेकिन बाद में जब गुप्ता ने बार-बार संपर्क किया तो शुभम ने न केवल बहाने बनाए बल्कि और पैसे की मांग भी शुरू कर दी। यहीं से गुप्ता को पूरे खेल का संदेह हुआ।
संदिग्धों की भूमिका पर जांच :
पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में नदीम खान और नासिर खान नामक दो व्यक्तियों की भूमिका भी सामने आई है। गुप्ता को सबसे पहले इन्हीं दोनों ने आरोपियों से मिलवाया था और उन्हें सस्ते सोने के सौदे की जानकारी दी थी। फिलहाल पुलिस इन दोनों से पूछताछ कर रही है कि वे इस धोखाधड़ी में किस हद तक शामिल थे।
पुलिस की कार्रवाई :
पवई पुलिस ने गुप्ता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और घटना में इस्तेमाल की गई गाड़ी के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
भरोसे का शिकार बना कारोबारी :
यह मामला उन घटनाओं की एक और कड़ी है, जहाँ तेज मुनाफे का लालच दिखाकर लोगों को धोखे का शिकार बनाया जाता है। गुप्ता ने सोने जैसी सुरक्षित मानी जाने वाली धातु में निवेश का मन बनाया, लेकिन उसकी आड़ में एक संगठित गिरोह ने करोड़ों की ठगी की साजिश रच डाली।
यह घटना न केवल कारोबारी जगत के लिए, बल्कि आम निवेशकों के लिए भी एक बड़ी चेतावनी है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में निवेश करने से पहले सौदे की प्रामाणिकता और दस्तावेजों की जांच करना बेहद जरूरी है।फिलहाल पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है और उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर ठगी की पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जाएगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
