बॉम्बे हाईकोर्ट की विजय माल्या को फटकार, कहा- पहले भारत आएं तभी सुनेंगे याचिका
अदालत ने स्पष्ट किया कि माल्या कानूनी प्रक्रिया का लाभ और देश से बाहर रहने का विकल्प एक साथ नहीं चुन सकते, अगली सुनवाई 18 फरवरी को होगी।

मुंबई में बॉम्बे हाईकोर्ट की खंडपीठ ने भगोड़े कारोबारी विजय माल्या को भारत लौटकर कानून का सामना करने और अपनी स्थिति स्पष्ट करने के लिए हलफनामा देने का निर्देश दिया।
कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
पीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि:
"आपको (माल्या) वापस लौटना होगा… अगर आप वापस नहीं आ सकते तो हम इस याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते। हम यह रिकॉर्ड पर ले सकते हैं कि आप अदालत की प्रक्रिया से बच रहे हैं। आप कार्यवाही का लाभ भी उठाना चाहते हैं और देश भी नहीं आना चाहते, ऐसा नहीं चलेगा।"
अदालत ने स्पष्ट किया है कि आप कार्यवाही का लाभ भी उठाना चाहते हैं और देश भी नहीं आना चाहते, ऐसा नहीं चलेगा।
वर्तमान स्थिति और कोर्ट का निर्देश
- 70 वर्षीय विजय माल्या, जो 2016 से ब्रिटेन में शरण लिए हुए है, भारत में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों का सामना कर रहा है।
- अदालत ने अब माल्या के वकील को निर्देश दिया है कि वह एक हलफनामा दाखिल करें।
- इस हलफनामे में माल्या को साफ-साफ बताना होगा कि वह भारत कब लौटेगा और क्या वह भारतीय कानून का सामना करने के लिए तैयार है।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि वह माल्या को निष्पक्षता के आधार पर एक आखिरी मौका दे रही है, इसलिए याचिका तुरंत खारिज नहीं की जा रही है। मामले की अगली सुनवाई अब 18 फरवरी को होगी।
क्या है पूरा मामला?
जनवरी 2019 में, धन शोधन निवारण अधिनियम की एक विशेष अदालत ने माल्या को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित किया था। इसके बाद उसकी संपत्तियों को कुर्क करने का रास्ता साफ हो गया था। माल्या ने दो याचिकाएं दायर की हैं:
- खुद को भगोड़ा घोषित करने के आदेश के खिलाफ।
- 2018 के भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने के लिए।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने दोहराया कि वह माल्या की किसी भी याचिका पर तब तक विचार नहीं करेगी, जब तक वह खुद भारत वापस नहीं लौट आता।
बता दें कि दिसंबर 2025 में हुई पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने यही रुख अपनाया था। माल्या के वकील की दलील थी कि उसे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए बिना सुनवाई का अधिकार है, लेकिन कोर्ट ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

Pratahkal Bureau
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