मुंबई। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थित बॉम्बे हाईकोर्ट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी मिलते ही अदालत परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और तुरंत सुरक्षा एजेंसियों ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने पूरे परिसर को खाली कराया और बम निरोधक दस्ते व डॉग स्क्वॉड को मौके पर भेजा गया। घंटों तक चले तलाशी अभियान में कुछ भी संदिग्ध बरामद नहीं हुआ।

धमकी का यह मामला महज सात दिनों में दूसरी बार सामने आया है। इससे पहले भी बॉम्बे हाईकोर्ट को इसी तरह की धमकी दी गई थी, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर जांच अभियान चलाया था। उस समय भी धमकी झूठी साबित हुई थी, लेकिन घटनाओं की पुनरावृत्ति ने सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी मिलने के बाद अदालत की कार्यवाही बाधित हुई और कर्मचारियों तथा वकीलों को तत्काल बाहर निकालना पड़ा। परिसर की चारदीवारी से लेकर पार्किंग एरिया और अंदरूनी हिस्सों तक की गहन तलाशी ली गई। सूत्रों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह मामला शरारती तत्वों की हरकत प्रतीत होता है, लेकिन इसकी तह तक जाने के लिए साइबर सेल को जांच सौंपी गई है।

यह पहला मौका नहीं है जब देश की प्रमुख न्यायिक इमारतों और संस्थानों को निशाना बनाया गया हो। हाल ही में गुजरात हाईकोर्ट को भी ईमेल के जरिए बम की धमकी दी गई थी। पुलिस ने पूरे परिसर की सघन जांच की थी और उसे झूठी धमकी करार दिया था। जून से लेकर अब तक गुजरात हाईकोर्ट को तीन बार इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं। इसी कड़ी में दिल्ली के द्वारका और शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पतालों तथा ताज पैलेस होटल को भी ईमेल के जरिए धमकियां दी गई थीं, जिन्हें बाद में निराधार पाया गया।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की धमकियां गंभीर अपराध की श्रेणी में आती हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 505 (अफवाह फैलाना और भय उत्पन्न करना), धारा 506 (आपराधिक धमकी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं के तहत दोषियों को कड़ी सजा का सामना करना पड़ सकता है। पुलिस की साइबर टीम धमकी के स्रोत का पता लगाने के लिए ईमेल सर्वर और कॉल रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है।

लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया है। अदालत परिसर की निगरानी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा घेरा और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि अब तक की जांच में कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है, लेकिन बार-बार मिल रही धमकियां न्याय व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देती हुई नजर आ रही हैं।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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