मुंबई। माथेरान हिल स्टेशन के पास इस महीने की शुरुआत में ट्रेकिंग के दौरान लापता हुए 33 वर्षीय नौसेना अधिकारी सूरजसिंह अमरपालसिंह चौहान का शव सड़ी-गली हालत में एक खाई में पाया गया। यह घटना न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि नौसेना और स्थानीय प्रशासन के लिए भी शोक और चिंता का विषय बन गई है।

पुलिस के अनुसार, चौहान कोलाबा में मास्टर चीफ, क्लास-द्वितीय के पद पर कार्यरत थे और चार महीने पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे। 7 सितंबर को वह माथेरान में भीवपुरी-गारबेट मार्ग के रास्ते ट्रेकिंग के लिए गए थे। इसके बाद उनका कोई संपर्क नहीं हुआ। जब वह घर नहीं लौटे और उनका मोबाइल भी बंद था, तो उनके परिवार ने कफ परेड थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई।

इस मामले में प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने उनकी लोकेशन माथेरान इलाके में पता लगाई और आसपास के क्षेत्रों की तलाशी शुरू की। इसी बीच, एक ट्रेकर ने पुलिस को सूचना दी कि उन्होंने पहाड़ी क्षेत्र में संदिग्ध शव देखा है। नेरल थाने की पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच की और शव बरामद किया। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान सूरजसिंह चौहान के रूप में हुई। शव की सड़ी-गली अवस्था ने प्रारंभिक जांच को जटिल बना दिया।

पुलिस ने शव बरामद होने के बाद प्राथमिक जांच में यह संकेत दिया कि यह घटना संभवतः दुर्घटना या प्राकृतिक कारणों से हुई हो सकती है। हालांकि, शव की हालत और घटनास्थल के विवरण के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच को गंभीरता से लिया है।

चौहान की गुमशुदगी की शिकायत मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और नौसेना प्रशासन ने संयुक्त रूप से खोज अभियान चलाया था। उनके परिवार और सहयोगियों के लिए यह समय अत्यंत कठिन रहा। परिवार ने बताया कि चौहान अपने शांत स्वभाव और जिम्मेदारीपूर्ण कार्य के लिए जाने जाते थे। चार महीने पहले ही ड्यूटी पर लौटे होने के बावजूद उन्होंने हमेशा अपने कर्तव्यों का पालन किया।

माथेरान और आसपास के ट्रेकिंग मार्गों में इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पर्यटकों के बीच भी सावधानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में ट्रेकिंग के दौरान सतर्कता बरतना आवश्यक है और ऐसी घटनाओं से सबक लेना आवश्यक है।

इस घटना ने सामाजिक और प्रशासनिक स्तर पर कई सवाल खड़े किए हैं, जैसे ट्रेकिंग मार्गों की सुरक्षा, समय पर जानकारी साझा करना और आपातकालीन प्रबंधन की तैयारी। पुलिस ने कहा कि शव की हालत के कारण सटीक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही लगाया जा सकेगा।

सूरजसिंह चौहान की असमय मृत्यु ने परिवार, नौसेना साथियों और स्थानीय समुदाय को गहरा शोक दिया है। यह घटना उन सभी के लिए चेतावनी है कि ट्रेकिंग और पहाड़ी क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। अधिकारियों ने कहा कि खोज और बचाव कार्य में सभी संभव प्रयास किए गए थे, लेकिन दुर्भाग्यवश चौहान को सुरक्षित नहीं पाया जा सका।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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