प्रातःकाल संवाददाता, मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के कामकाज और उसकी टेंडर प्रक्रिया ने एक बार फिर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। समाजवादी पार्टी के नेता और विपक्ष के प्रमुख चेहरे अशरफ आज़मी ने बीएमसी प्रशासन और राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए 1000 करोड़ रुपये बचाने के दावों को पूरी तरह से खोखला और जनता की आंखों में धूल झोंकने वाला करार दिया है। विपक्षी नेताओं का स्पष्ट आरोप है कि बीएमसी प्रशासन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे के विपरीत कार्य कर रहा है।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अशरफ आज़मी ने गारगाई बांध परियोजना का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने इस परियोजना में अनुमानित दर को कम करके 300 करोड़ रुपये बचाने का दावा किया था, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि जिस प्रोजेक्ट की लागत पहले 3000 करोड़ रुपये थी, वह तीन साल की देरी के कारण अब बढ़कर 5000 करोड़ रुपये हो चुकी है। विपक्ष के अनुसार, 300 करोड़ की कथित बचत दिखाकर जनता पर 2000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ डालना ठेकेदारों को अनुचित लाभ पहुँचाने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।

घोटाले के आरोपों का दायरा केवल परियोजनाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि बीएमसी स्कूलों के गरीब बच्चों को बांटी जाने वाली आवश्यक सामग्री जैसे छाता, कैनवास जूते और कॉपियों की खरीद के लिए इस्तेमाल होने वाले 'जैम पोर्टल' पर भी गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। प्रशासन ने दावा किया था कि निर्माताओं से सीधे सामान खरीदकर धन की बचत की जाएगी, लेकिन वास्तविकता यह है कि मुंबई के बच्चों को छाता आपूर्ति करने का टेंडर कोलकाता की एक बिचौलिया कंपनी 'वैरायटी व्यापारी संघ प्राइवेट लिमिटेड' को सौंप दिया गया है।

इसके अतिरिक्त, कॉपियों की छपाई के लिए आए टेंडर्स में भी धांधली का आरोप है। विपक्ष का दावा है कि जानबूझकर तकनीकी कमियों का बहाना बनाकर प्रतिस्पर्धी कंपनियों को बाहर किया गया, ताकि एक 'सिंगल बिडर' को फायदा पहुँचाया जा सके। अशरफ आज़मी ने चेतावनी दी है कि जेम पोर्टल की शर्तों के कारण कई बड़ी कंपनियां बीएमसी के टेंडर्स में दिलचस्पी नहीं ले रही हैं, जिससे चुनिंदा कंपनियां ही बार-बार ठेके हथिया रही हैं। विपक्ष ने मांग की है कि अगले चार वर्षों के भीतर होने वाले इन सभी टेंडरों की सरकार निष्पक्ष जांच कराए, अन्यथा वे स्वयं इन फाइलों को दोबारा खुलवाकर इस बड़े घोटाले को उजागर करेंगे।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story