बीएमसी स्टैंडिंग कमेटी में रार, स्कूल टेंडर पर कांग्रेस-शिवसेना में बढ़ा विवाद
पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर के तीखे बयान और स्कूल सामग्री टेंडर में 35 प्रतिशत की भारी कटौती के बाद समाजवादी पार्टी नेता अशरफ आज़मी की नाराजगी से सियासी घमासान बढ़ा।

मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की स्टैंडिंग कमेटी के भीतर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं, जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच का तनाव चरम पर पहुंच गया है। सदन में पिछले लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच पर्दे के पीछे चल रही आपसी 'अंडरस्टैंडिंग' यानी आपसी सहमति अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। इस बदलते और बिगड़ते राजनीतिक माहौल के कारण समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विपक्ष के प्रमुख चेहरे अशरफ आज़मी सबसे ज्यादा नाराज नजर आ रहे हैं। इस सियासी विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने विपक्षी नेताओं पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि वे केवल चिकन, मटन और पूरनपोली जैसी दावतों की राजनीति और चर्चाओं तक ही सीमित रह गए हैं। किशोरी पेडनेकर के इस बेहद तीखे और हमलावर बयान के बाद सदन के भीतर का माहौल और भी ज्यादा गरमा गया है, जिसने बीएमसी में विपक्षी एकता की गहरी दरारों को पूरी तरह से खुलकर सामने ला दिया है।
इस पूरे घमासान के केंद्र में बीएमसी स्कूलों के बच्चों के लिए रेनकोट और छाते की खरीदी का टेंडर है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि इस बार स्कूल सामग्री के इस टेंडर में करीब 35 प्रतिशत तक की भारी कमी आई है। बीएमसी प्रशासन जहाँ निविदा की रकम में हुई इस भारी कटौती को अपनी एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि मान रहा है, वहीं दूसरी तरफ टेंडर प्रक्रिया में हुई इस बड़ी कमी के बावजूद समाजवादी पार्टी के नेता अशरफ आज़मी की नाराजगी कम होने का नाम नहीं ले रही है।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे दिलचस्प बात यह है कि अशरफ आज़मी के इस कड़े रुख और तीव्र नाराजगी के कारण खुद विरोधी पक्ष नेता से ज्यादा कांग्रेस पार्टी के पेट में दर्द हो रहा है। कांग्रेस नेताओं को इस बात की सबसे अधिक चिंता सता रही है कि स्टैंडिंग कमेटी में आपसी तालमेल टूटने और विपक्षी दलों में मचे इस आंतरिक घमासान का सीधा असर आने वाले समय में बीएमसी की पूरी राजनीति पर पड़ेगा। यह आपसी खींचतान और राजनीतिक रार अब मुंबई महानगरपालिका के गलियारों में चर्चा का सबसे गर्म विषय बन चुकी है, जिसने आने वाले दिनों में बड़े सियासी उलटफेर के संकेत दे दिए हैं।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
