बीएमसी अस्पतालों में वर्षों से जमे अधिकारियों-नर्सों पर गिरी गाज, स्थायी समिति ने दिए तत्काल तबादले के निर्देश
बीएमसी अस्पतालों में वर्षों से जमे अधिकारियों और नर्सों पर स्थायी समिति सख्त हुई। तबादले के निर्देश के साथ अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर बड़ा फैसला।

मुंबई महानगरपालिका द्वारा संचालित अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर स्थायी समिति की बैठक में तीखी नाराजगी देखने को मिली। करोड़ों रुपये खर्च कर मरम्मत कराए जाने के बावजूद अस्पतालों की छतों से पानी टपकने और वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यशैली पर सदस्यों ने कड़ा रुख अपनाया। बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठा कि लंबे समय से एक ही अस्पताल या विभाग में तैनात रहने के कारण कुछ स्वास्थ्यकर्मी और प्रशासनिक अमला खुद को प्रशासन से भी ऊपर समझने लगा है, जिससे आम मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सभागृह नेता गणेश खणकर ने अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था और कुछ कर्मचारियों के रवैये पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कई नर्सें पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं, लेकिन कुछ कर्मचारी पूरी तरह बेलगाम हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे कर्मचारी इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और निरीक्षण के लिए पहुंचने वाले जनप्रतिनिधियों के साथ भी दुर्व्यवहार करने से नहीं चूकते।
उन्होंने कुर्ला स्थित भाभा अस्पताल का उदाहरण देते हुए बताया कि हाल ही में अस्पताल की छत की मरम्मत पर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन पहली ही बारिश में छत से पानी टपकना शुरू हो गया। उन्होंने मांग की कि वर्षों से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों, सहायक चिकित्सा अधिकारियों और नर्सों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए, क्योंकि किसी भी सार्वजनिक अस्पताल में किसी की मनमानी या एकाधिकार स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में समिति के अन्य सदस्यों ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए अस्पतालों में प्रशासनिक कसावट लाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे ने बीएमसी के अतिरिक्त आयुक्त को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए कि जो भी अधिकारी और कर्मचारी कई वर्षों से एक ही स्थान या पद पर कार्यरत हैं, उनका तत्काल प्रभाव से तबादला किया जाए।
स्थायी समिति के इस फैसले से बीएमसी अस्पतालों में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाने और मरीजों को बेहतर तथा सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की उम्मीद जताई जा रही है।

Pratahkal Bureau
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