मुंबई के स्कूलों में अनिवार्य होगी बाल सुरक्षा समिति, बीएमसी बना रही नीति
विधायक चित्रा वाघ की मांग पर महापौर रितू तावडे ने बीएमसी शिक्षा विभाग को स्कूलों और सभी 227 वॉर्डों में सुरक्षा ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए।

मुंबई में बीएमसी मुख्यालय के महापौर कार्यालय में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक के दौरान (बाएं से दाएं) विधायक चित्राताई वाघ और महापौर रितू तावडे शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ स्कूलों में बाल सुरक्षा नीति लागू करने पर चर्चा करती हुईं।
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) एक ऐतिहासिक कदम उठाने की दिशा में अग्रसर है। मुंबई के सभी स्कूलों में अब अनिवार्य रूप से 'बाल सुरक्षा समिति' का गठन किया जाएगा। साथ ही, महानगर के सभी 227 प्रशासनिक वॉर्डों में 'वॉर्ड बाल संरक्षण समिति' स्थापित करने के लिए एक व्यापक नीति तैयार की जा रही है। बीएमसी मुख्यालय में मंगलवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान महापौर रितू तावडे ने शिक्षा विभाग को इस सुरक्षा ढांचे का ब्लूप्रिंट जल्द से जल्द पेश करने का कड़ा निर्देश दिया है। शिक्षा समिति की अध्यक्ष राजेश्री शिरवडकर ने महापौर को आश्वस्त किया कि इस सुरक्षा नीति का प्रारूप अंतिम चरण में है और इसे शीघ्र ही लागू कर दिया जाएगा।
यह निर्णय विधायक चित्राताई वाघ द्वारा महापौर रितू तावडे से उनके कार्यालय में की गई मुलाकात के बाद लिया गया। इस अवसर पर विधायक वाघ ने स्कूलों में नाबालिग छात्रों के साथ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न, छेड़छाड़ तथा पोक्सो कानून के कड़े कार्यान्वयन को लेकर एक विस्तृत मांग पत्र सौंपा। बैठक में बीएमसी के सभागृह नेता गणेश खणकर और स्थानीय नगरसेवकों सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। विधायक वाघ ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा केवल कागजी कानूनों से नहीं, बल्कि प्रशासनिक मुस्तैदी से ही संभव है। उन्होंने मांग की कि स्कूलों के सभी शिक्षकों, बस ड्राइवरों और सहायकों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य किया जाए। साथ ही, स्कूल परिसरों व बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाना, बच्चों को 'गुड टच-बैड टच' व साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण को नीति का अनिवार्य हिस्सा बनाने पर बल दिया।
महापौर रितू तावडे ने इन मांगों को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को स्कूलों में गोपनीय शिकायत पेटी और हेल्पलाइन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई स्कूल प्रबंधन पोक्सो से जुड़े मामलों को छिपाने का प्रयास करेगा, तो उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नगरसेवकों ने इस नीति का स्वागत करते हुए कहा कि वॉर्ड स्तर पर बाल संरक्षण समितियों के गठन से जमीनी स्तर पर बच्चों को सुरक्षित परिवेश मिलेगा और अभिभावकों का विश्वास सुदृढ़ होगा।

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