बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे का सख्त रुख, 31 मई तक मुंबई की सड़कें दुरुस्त करने का अल्टीमेटम
बीएमसी प्रमुख ने मानसून से पहले अस्पतालों में स्वच्छता, खुले मैनहोल ढकने और 31 मई 2026 तक सड़क निर्माण कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश जारी किए।

मुंबई स्थित बीएमसी मुख्यालय में आगामी मानसून की तैयारियों को लेकर आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करतीं नगर निगम आयुक्त अश्विनी भिडे और उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी।
प्रातःकाल संवाददाता, मुंबई। मुंबईकरों की स्वास्थ्य सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) की आयुक्त अश्विनी भिडे ने प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ बेहद कड़ा और सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बीएमसी मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए नागरिक निकाय प्रमुख ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट किया है कि मुंबई के सभी 500 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों, अस्पतालों और 'आपला दवाखाना' परिसरों को पूरी तरह से स्वच्छ, आकर्षक तथा हर प्रकार के अतिक्रमण से मुक्त रखा जाए। आयुक्त ने सभी वॉर्डों के सहायक आयुक्तों को ऑन-फील्ड उतरने के निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों का नियमित व सघन निरीक्षण करें, चिकित्सा इमारतों की आवश्यक मरम्मत के साथ-साथ एकसमान रंग-रोगन सुनिश्चित करें और वहां सुरक्षा व हाउसकीपिंग की व्यवस्था का कड़ा प्रबंध कायम रखें।
महानगर में जारी सड़क विकास कार्यों की कड़े लहजे में समीक्षा करते हुए बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने अल्टीमेटम जारी किया है कि मुंबई में वर्तमान में चल रहे सभी सड़कों के निर्माण कार्य आगामी 31 मई 2026 तक हर हाल में और अनिवार्य रूप से पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि सड़कों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बनाने के बजाय सीधे एक छोर से दूसरे छोर तक पूरी लंबाई में मुकम्मल किया जाए। इसके साथ ही जिन स्थानों पर तकनीकी कारणों से कंक्रीटीकरण संभव न हो, वहां समान स्तर की उच्च गुणवत्ता वाली मास्टिक डामर की सड़कें तैयार की जाएं ताकि आगामी वर्षा ऋतु में कहीं भी जलजमाव की स्थिति उत्पन्न न हो। मानसून-पूर्व तैयारियों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को शीर्ष प्राथमिकता पर रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि बारिश के दौरान मुंबई की सड़कों पर एक भी मैनहोल खुला नहीं दिखना चाहिए और सभी मैनहोल पर अनिवार्य रूप से सुरक्षा जालियां लगाई जाएं ताकि किसी भी प्रकार की जानलेवा दुर्घटना को टाला जा सके, अन्यथा लापरवाही पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई होगी।
ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर बीएमसी प्रमुख ने कानूनी और आधिकारिक नियमों का हवाला देते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि थोक में कचरा पैदा करने वाली आवासीय सोसायटियों, व्यावसायिक होटलों और मॉल के लिए बीएमसी के पास अपना पंजीकरण कराना पूरी तरह अनिवार्य है। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार वर्तमान में 17,624 संस्थाएं बीएमसी में पंजीकृत हैं, लेकिन जिन बल्क वेस्ट जनरेटरों ने अभी तक अपना आधिकारिक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उन पर नगर निगम द्वारा अब कठोर दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
स्थानीय नगरसेवकों ने बीएमसी कमिश्नर अश्विनी भिडे द्वारा लिए गए इन तमाम कड़े फैसलों और प्रशासनिक अल्टीमेटम का पुरजोर समर्थन किया है। जनप्रतिनिधियों का मानना है कि स्वास्थ्य केंद्रों व अस्पतालों की सुरक्षा व स्वच्छता सुनिश्चित होने, खुले मैनहोल को जालियों से पूरी तरह ढकने और समय सीमा के भीतर सड़कों का निर्माण कार्य पूरा होने से इस आगामी मानसून में मुंबई की आम जनता को जलजमाव और हादसों से बड़ी राहत मिलेगी तथा नागरिक सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा।

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