बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिडे ने जल संकट और मानसून की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिकारियों को सर्वे और 24 घंटे में गड्ढे भरने के कड़े निर्देश दिए।

महानगर में जल संकट की चुनौतियों से निपटने और आगामी मानसून के दौरान जनजीवन को निर्बाध बनाए रखने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार की है। बीएमसी मुख्यालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में महानगरपालिका आयुक्त श्रीमती अश्विनी भिडे ने कड़े तेवर अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शहर की जल सुरक्षा और सड़कों की सुगमता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। बांधों में गिरते जलस्तर और मानसून की संभावित देरी को देखते हुए आयुक्त ने निर्देश दिया कि शहर के सभी सार्वजनिक, सरकारी और निजी कुओं व नलकूपों का तत्काल सर्वे किया जाए। इन पारंपरिक जलस्रोतों को कीचड़ और कचरे से मुक्त कर इनका जीर्णोद्धार किया जाएगा और वहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग की प्रणालियां विकसित की जाएंगी। आयुक्त ने स्थानीय पार्षदों के सहयोग से सोसायटियों को इन जलस्रोतों के उपयोग हेतु प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है।

सड़कों की स्थिति और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी आयुक्त ने सख्त रुख अपनाते हुए आदेश दिया कि सड़कों का कंक्रीटीकरण कार्य पूर्ण होते ही मलबे और बैरिकेड्स को तत्काल हटाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गड्ढों की शिकायत मिलने के 24 घंटे के भीतर उनका स्थायी समाधान सुनिश्चित करना होगा। जलजमाव की समस्या पर नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे सफाई अभियान के तहत अब तक बड़े नालों से 112 प्रतिशत और मीठी नदी से 84 प्रतिशत सिल्ट निकाली जा चुकी है, जो प्रक्रिया मानसून के दौरान भी निरंतर जारी रहेगी। अधिकारियों को संभावित बाढ़ वाले क्षेत्रों (फ्लडिंग स्पॉट्स) का व्यक्तिगत रूप से दौरा करने और मैनहोल के ढक्कनों की सुरक्षा जांच करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई अनहोनी न हो।

शहर की यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में आवश्यक इंजीनियरिंग सुधार, अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई और लावारिस वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाने के निर्देश जारी किए गए हैं। बीएमसी अब अपनी कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक का समावेश करते हुए सभी नागरिक सेवाओं को 'उपयोग' डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ रही है। इसके साथ ही, कचरा प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग बढ़ाने की योजना है, जिसके लिए डॉक्टरों, इंजीनियरों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। शिक्षा विभाग को भी स्कूली बच्चों में नागरिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने हेतु एक विशेष गाइडबुक तैयार करने का सुझाव दिया गया है। इन कड़े निर्देशों और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से बीएमसी एक सुरक्षित और सुगम मुंबई के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रही है।

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