मुंबई मॉनसून अलर्ट: बीएमसी का मिशन मोड एक्शन, अतिरिक्त आयुक्त प्राजक्ता वर्मा ने अस्पतालों का किया औचक निरीक्षण
मुंबई में मॉनसून के बीच बीएमसी ने स्वास्थ्य सेवाओं को मिशन मोड पर लाते हुए अतिरिक्त आयुक्त प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे के औचक निरीक्षण के बाद कई अहम निर्देश जारी किए।

मुंबई के जोगेश्वरी पूर्व स्थित हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर अस्पताल का औचक निरीक्षण करतीं अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे और अन्य बीएमसी अधिकारी।
मुंबई में मॉनसून की शुरुआत के साथ संक्रामक और मौसमी बीमारियों के बढ़ते खतरे के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने स्वास्थ्य सेवाओं को मिशन मोड पर संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने जोगेश्वरी पूर्व स्थित हिंदुहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे ट्रॉमा केयर महानगरपालिका अस्पताल का औचक दौरा कर परिमंडल 4 के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और विभिन्न वॉर्डों में चल रहे जन-स्वास्थ्य कार्यों की वास्तविक स्थिति का विस्तृत जायजा लिया।
दौरे के दौरान अतिरिक्त आयुक्त ने अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर बारिश के मौसम में मुंबईकरों की स्वास्थ्य सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी वॉर्डों के सहायक आयुक्तों और स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से जमीनी निरीक्षण करें और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को और प्रभावी बनाएं।
प्राजक्ता वर्मा-लवंगारे ने विशेष रूप से डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पायरोसिस और गैस्ट्रो जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों, झोपड़पट्टियों तथा निर्माणाधीन स्थलों पर जलभराव और मच्छरों के पनपने की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए तथा आवश्यकता अनुसार तत्काल कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराया जाए। इसके साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में स्वच्छता बनाए रखने, बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं की मरम्मत समय पर पूरी करने तथा अस्पतालों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के आदेश भी दिए।
व्यापक समीक्षा बैठक में चिकित्सा सेवाओं के साथ नागरिक सुविधाओं को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अतिरिक्त आयुक्त ने निर्देश दिया कि बीएमसी की परवाना प्रणाली को सरल और पूरी तरह नागरिक-अनुकूल बनाया जाए। इसके लिए नागरिक सुविधा केंद्रों को और सुदृढ़ किया जाएगा, जहां स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अलग से विशेष काउंटर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही आवेदनों की ट्रैकिंग व्यवस्था और ऑनलाइन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया, ताकि नागरिकों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें।
बैठक में शहर के सभी कब्रिस्तानों और श्मशान भूमियों की नियमित साफ-सफाई एवं रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर नियंत्रण के लिए प्रभावी उपाय करने पर भी बल दिया गया।
समीक्षा के दौरान अतिरिक्त आयुक्त ने जोन 4 के अंतर्गत आने वाले प्रमुख अस्पतालों, जिनमें एस. के. पाटिल अस्पताल, एम. डब्ल्यू. देसाई अस्पताल, सिद्धार्थ अस्पताल, डॉ. आर. एन. कूपर अस्पताल तथा जोगेश्वरी ट्रॉमा केयर अस्पताल शामिल हैं, वहां की चिकित्सा व्यवस्थाओं और बुनियादी ढांचे का गहन मूल्यांकन किया। इस अवसर पर उनके साथ उपायुक्त शरद उघड़े, उपायुक्त भाग्यश्री कापसे, चिकित्सा शिक्षा व प्रमुख अस्पतालों के निदेशक डॉ. शैलेश मोहिते सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
बीएमसी प्रशासन की इस व्यापक समीक्षा और औचक निरीक्षण से स्पष्ट है कि मॉनसून के दौरान संक्रामक बीमारियों की रोकथाम, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने और नागरिक सुविधाओं को अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को मिशन मोड में कार्य करने के निर्देश दिए हैं।

Pratahkal Bureau
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