मुंबई। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के सालाना लगभग 80 हजार करोड़ रुपये के बजट के बावजूद उसके सबसे प्रमुख कार्यालय में लापरवाही का मामला सामने आया है। बीएमसी मुख्यालय स्थित महापौर कार्यालय की दीवारों पर लगे महंगे लकड़ी के वॉल फर्नीचर में दीमक लग गई है। समय पर पेस्ट कंट्रोल का छिड़काव नहीं होने से दीमक धीरे-धीरे लकड़ी की दीवार और नक्काशीदार फर्नीचर को खोखला कर रही है।

मेयर रितू तावड़े के कार्यालय परिसर में लगे लकड़ी के वॉल पैनलिंग में कई जगह दीमक का असर साफ दिखाई दे रहा है। समय पर नियमित रखरखाव और दवाइयों का छिड़काव नहीं होना इसकी मुख्य वजह बताया जा रहा है। देश की सबसे अमीर नगरपालिका के मुख्य कार्यालय में हुई इस अनदेखी को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल मच गई है।

बीएमसी मुख्यालय की यह इमारत ऐतिहासिक हेरिटेज इमारत का हिस्सा है। ऐसे में महापौर कार्यालय में लगी लकड़ी और नक्काशीदार फर्नीचर का काफी महत्व है। दीमक के कारण प्राचीन लकड़ी की कलाकृतियों और कार्यालय की बनावट को नुकसान पहुंच रहा है। समय रहते इसका उपचार नहीं होने पर लकड़ी के अन्य हिस्सों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका के बीच मामला प्रशासन के संज्ञान में आया है।

मामला सामने आने के बाद बीएमसी प्रशासन में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पेस्ट कंट्रोल टीम को तत्काल निरीक्षण के निर्देश दिए हैं। क्षतिग्रस्त वॉल फर्नीचर की तत्काल मरम्मत कराने और पूरे महापौर कार्यालय परिसर में बड़े पैमाने पर दीमक रोधी अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।

इस कार्रवाई का उद्देश्य बीएमसी मुख्यालय के बाकी ऐतिहासिक हिस्सों को दीमक से होने वाले नुकसान से बचाना है। महापौर कार्यालय के लकड़ी के वॉल फर्नीचर में दीमक लगने का मामला अब नियमित रखरखाव और ऐतिहासिक संरचना की सुरक्षा से जुड़ी प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story