BMC पर 65 करोड़ का वित्तीय बोझ, विधि विभाग की लापरवाही पर हंगामा
1995 के सीवरेज ठेका विवाद में सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने पर बीएमसी को ब्याज समेत 65 करोड़ रुपये चुकाने होंगे, स्थायी समिति ने जांच की मांग की।

मुंबई। मुंबई महानगरपालिका के सीवरेज विभाग से जुड़े पुराने ठेका मामले में बीएमसी को कानूनी हार के बाद 65 करोड़ 31 लाख रुपये से अधिक का आर्थिक बोझ उठाना पड़ा है। विधि विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और गलतियों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए बीएमसी की स्थायी समिति की बैठक में इस मुद्दे पर जमकर हंगामा हुआ। बीजेपी गटनेता प्रभाकर शिंदे ने मामले में दोषी अधिकारियों की गहन जांच कराने और 15 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने की मांग की है।
यह मामला वर्ष 1995 में शुरू हुआ था। उस समय बीएमसी ने सीवरेज सेवाओं में सुधार के लिए एक विदेशी सलाहकार कंपनी को नियुक्त किया था। वर्ष 2001 में काम पूरा होने के बाद बकाया भुगतान को लेकर बीएमसी और कंपनी के बीच विवाद उत्पन्न हो गया। इसके बाद मामला मध्यस्थता अदालत में पहुंचा।
मध्यस्थता अदालत ने वर्ष 2010 में कंपनी के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीएमसी को 14 प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया। इसके बावजूद बीएमसी के विधि विभाग ने इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। वर्ष 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने बीएमसी की याचिका खारिज कर दी।
सुप्रीम कोर्ट में अपील खारिज होने के बाद बीएमसी प्रशासन ने स्थायी समिति के सामने 65 करोड़ रुपये के भुगतान का प्रस्ताव जल्दबाजी में रखा। प्रस्ताव सामने आते ही सभी दलों के प्रतिनिधियों ने कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस गटनेता अशरफ आजमी, शिवसेना ठाकरे गुट के वरिष्ठ पार्षद यशोधर फणसे, मनसे के यशवंत किल्लेदार और सभागृह नेता गणेश खणकर ने विधि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
प्रतिनिधियों ने कहा कि मुंबई के करदाताओं के पैसों की इस बर्बादी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई होनी चाहिए। बीजेपी गटनेता प्रभाकर शिंदे ने पूरे मामले की गहन जांच कराकर 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की मांग की है। पुराने ठेका विवाद से शुरू हुआ यह मामला अब बीएमसी के विधि विभाग की कार्यप्रणाली और अधिकारियों की जवाबदेही पर उठे सवालों के केंद्र में है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
