मुंबई में जमीन के मुद्दे पर बीजेपी-शिंदे गुट आमने-सामने, बैठक से नेताओं का वॉकआउट
मुंबई बीएमसी की सुधार समिति की बैठक में जोगेश्वरी की म्हाडा जमीन के इस्तेमाल को लेकर बीजेपी और शिवसेना शिंदे गुट आमने-सामने आ गए। प्रस्ताव पर विवाद के बाद बीजेपी नेताओं ने बैठक से वॉकआउट किया।

मुंबई। मुंबई बीएमसी में साथ मिलकर सरकार चला रही बीजेपी और शिवसेना शिंदे गुट के बीच जमीन के मुद्दे को लेकर जोरदार टकराव सामने आया है। बीएमसी की सुधार समिति की अहम बैठक में जोगेश्वरी की एक कीमती जमीन के इस्तेमाल का नियम बदलने के प्रस्ताव पर दोनों दल आमने-सामने आ गए। शिंदे गुट के अध्यक्ष ने बीजेपी के विरोध के बावजूद प्रस्ताव को मंजूरी देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई, जिससे नाराज बीजेपी नेताओं ने बैठक से वॉकआउट कर दिया।
मामला जोगेश्वरी स्थित म्हाडा की एक जमीन से जुड़ा है। इस जमीन का इस्तेमाल पहले से तय था, लेकिन इसमें बदलाव कर इसे रहने योग्य बनाने का नया प्रस्ताव बैठक में लाया गया था। बीजेपी ने इसका कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मुंबई की खुली जमीनों और आरक्षित भूखंडों को इस तरह रहने के काम में नहीं दिया जाना चाहिए।
बीजेपी के विरोध के बावजूद जब प्रस्ताव को मंजूरी देने की कोशिश आगे बढ़ी, तो बीजेपी नेताओं ने नाराजगी जताते हुए बैठक छोड़ दी। इस घटनाक्रम के बाद महायुति सरकार के भीतर जमीन के मुद्दे को लेकर आपसी तनाव खुलकर सामने आ गया।
सत्ताधारी दलों के बीच हुए इस टकराव को लेकर विपक्षी ठाकरे गुट और कांग्रेस ने भी तीखा हमला बोला है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि बीजेपी जनता की आंखों में धूल झोंकने के लिए नाटक कर रही है। उनका कहना है कि अगर बीजेपी वास्तव में इस प्रस्ताव का विरोध करती थी, तो उसे प्रस्ताव पास होने से पहले ही रोकना चाहिए था।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि मुंबई की कीमती जमीनों को बचाने के बजाय सत्ता में बैठे लोग ही उनके इस्तेमाल के नियमों में बदलाव करने में लगे हैं। जोगेश्वरी की जमीन को लेकर सामने आए इस विवाद ने बीएमसी की सुधार समिति की बैठक को राजनीतिक टकराव का केंद्र बना दिया है। अब इस मामले में आने वाले दिनों में क्या नया मोड़ आता है, इस पर नजर बनी हुई है।

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