बीएमसी की हालिया सभा में नीट पेपर लीक का मुद्दा उठते ही सदन का माहौल अचानक गर्मा गया। देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले को लेकर विपक्षी नगरसेवकों ने केंद्र सरकार को घेरते हुए "मोदी सरकार चोर है" के तीखे नारों से पूरे सदन को गुंजा दिया। इसी दौरान कांग्रेस नगरसेवक अशरफ आजमी सदन की कार्यवाही अपने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर रहे थे। तभी महापौर रितु तावड़े आगे बढ़ीं और उनके हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया। महापौर की इस कार्रवाई के बाद सदन में हंगामा और तेज हो गया।

फोन झपटे जाने के बाद भी विपक्षी नगरसेवकों का विरोध जारी रहा और सदन में लगातार नारेबाजी होती रही। इस दौरान महापौर रितु तावड़े के चेहरे पर दिखाई दे रही मुस्कान ने विपक्षी नेताओं के आक्रोश को और बढ़ा दिया। भारी हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ और विपक्षी दल बीएमसी परिसर के बाहर प्रदर्शन पर डटे रहे।

इसके बाद मीडिया से बातचीत में शिवसेना (यूबीटी) की वरिष्ठ नेता किशोरी पेडणेकर और कांग्रेस नेता अशरफ आजमी ने कहा कि जब तक नीट पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका विरोध और हंगामा जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों के हितों की लड़ाई हर स्तर पर जारी रखी जाएगी।

इस बीच मुंबई कांग्रेस ने भी सड़कों पर आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन में बड़ा कदम उठाया है। मुंबई कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेशचंद्र राजहंस ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल कर आंदोलनकारी युवक-युवतियों पर लाठीचार्ज करवा रही है और उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी कथित दमनात्मक रवैये का मुकाबला करने और आंदोलन के दौरान छात्रों को तत्काल कानूनी व प्रशासनिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुंबई कांग्रेस ने एक विशेष 'टास्क फोर्स' का गठन किया है।

सुरेशचंद्र राजहंस ने बताया कि इस टास्क फोर्स के तहत प्रत्येक जिले में समन्वयक नियुक्त किए गए हैं और हर विधानसभा क्षेत्र के लिए समर्पित वकीलों की तैनाती की गई है, जो आपात स्थिति में छात्रों को कानूनी मार्गदर्शन उपलब्ध कराएंगे। उन्होंने कहा कि देश की असली संपत्ति युवा हैं, जो अपने शैक्षणिक अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए जा रहे "छात्रों की गूंज" अभियान के माध्यम से कांग्रेस संसद से लेकर सड़क तक छात्रों की आवाज पूरे दम-खम के साथ उठा रही है और इस संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। बीएमसी सदन से लेकर सड़क तक फैला यह विरोध अब नीट पेपर लीक मामले में छात्रों के न्याय की मांग को लेकर राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र बन गया है।

Pratahkal Bureau

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