बीएमसी मुख्यालय की कैंटीन में छाछ में मिली मक्खी, भजिया में निकली प्लास्टिक की रस्सी, स्वच्छता पर उठे गंभीर सवाल
बीएमसी मुख्यालय की कैंटीन में छाछ में मक्खी और कांदा भजिया में प्लास्टिक मिलने से स्वच्छता पर सवाल उठे। मामले के सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा व्यवस्था चर्चा में है।

तस्वीर में स्टील के गिलासों में रखी छाछ दिखाई दे रही है, जिसमें से एक गिलास में मक्खी तैरती हुई नज़र आ रही है।
मुंबई में पूरे शहर के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा की निगरानी करने वाली संस्था बीएमसी के अपने मुख्यालय की कैंटीन ही अब स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। बीएमसी मुख्यालय स्थित कैंटीन में परोसे जा रहे भोजन में गंभीर लापरवाही के मामले सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली और खाद्य मानकों की निगरानी पर प्रश्न उठने लगे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, कैंटीन में परोसी गई छाछ के एक गिलास में मरी हुई मक्खी तैरती हुई पाई गई। वहीं, कांदा भजिया में प्लास्टिक की रस्सी का टुकड़ा निकला। इसके अलावा ब्रेड और अन्य खाद्य पदार्थों को बिना ढके खुले में रखा जाता है, जिन पर मक्खियां भिनभिनाती रहती हैं। इन घटनाओं ने कैंटीन की स्वच्छता व्यवस्था और भोजन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दक्षिण मुंबई स्थित बीएमसी मुख्यालय की इस कैंटीन का संचालन 'कमल कैटरर्स प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा किया जाता है। मुख्यालय की इस इमारत में प्रतिदिन 5,000 से अधिक बीएमसी अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत रहते हैं। इसके अलावा आजाद मैदान पर तैनात पुलिसकर्मी तथा अपनी विभिन्न समस्याओं और प्रशासनिक कार्यों के सिलसिले में बीएमसी मुख्यालय आने वाले सैकड़ों आम नागरिक भोजन और नाश्ते के लिए इसी कैंटीन पर निर्भर रहते हैं।
जानकारी के अनुसार, कैंटीन परिसर के कई हिस्सों में सफाई का अभाव देखा गया और खाद्य सामग्री को असुरक्षित तरीके से रखा जाता है। जब इस संबंध में कैंटीन प्रबंधन से पूछताछ की गई तो उन्होंने अपनी खामियों को स्वीकार करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होने देने का आश्वासन दिया।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन मुंबई के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है। पिछले एक महीने के भीतर एफडीए ने स्वच्छता मानकों की अनदेखी के चलते भेंडी बाजार के शालिमार होटल, नूर मोहम्मदी होटल, पारसी डेयरी फार्म और हाल ही में चर्चगेट के मशहूर के. रुस्तम एंड कंपनी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के लाइसेंस निलंबित किए हैं।
ऐसे माहौल में, जब बीएमसी पूरे शहर में जनस्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी निभाती है, उसके अपने मुख्यालय की कैंटीन में इस प्रकार की लापरवाही सामने आना गंभीर सवाल खड़े करता है। घटना के बाद बीएमसी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली और खाद्य सुरक्षा मानकों की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

Pratahkal Bureau
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