मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की पर्यावरणपूरक और टिकाऊ विकास परियोजनाओं के लिए 1,000 करोड़ रुपये के ग्रीन बॉन्ड्स जारी करने की योजना में देरी हो गई है। पहले दिसंबर 2026 तक इन बॉन्ड्स को बाजार में उतारने की उम्मीद थी, लेकिन अब इनके फरवरी या मार्च 2027 में जारी होने की संभावना है। प्रशासनिक, कानूनी और तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने में लग रहे समय के कारण यह समयसीमा आगे बढ़ी है।

बीएमसी ने शहर में गारगाई बांध परियोजना, सात मलजल प्रक्रिया केंद्रों, जल सुरंगों और अन्य महत्वपूर्ण पर्यावरणपूरक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के विकास के लिए इन ग्रीन बॉन्ड्स के माध्यम से पूंजी जुटाने का निर्णय लिया था। महानगरपालिका ने वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में राजस्व जुटाने के विकल्प के रूप में इन बॉन्ड्स की घोषणा की थी। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ शहरी विकास से जुड़ी प्रमुख परियोजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराना है।

ग्रीन बॉन्ड्स को बाजार में जारी करने से पहले कई प्रशासनिक, कानूनी और विनियामक औपचारिकताएं पूरी करना आवश्यक है। इस प्रक्रिया के लिए बीएमसी ने कानूनी सलाहकारों के साथ एक प्रतिष्ठित पतमानांकन संस्था की भी नियुक्ति की है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के अनुसार पंजीकृत इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड को बॉन्ड्स की रेटिंग तय करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

यह संस्था बीएमसी की वित्तीय और प्रशासनिक स्थिति की जांच करेगी और उसके आधार पर रेटिंग निर्धारित करेगी। रेटिंग तय होने तथा अन्य नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ही इन हरित बॉन्ड्स को निवेशकों के लिए बाजार में उतारा जाएगा।

इस तरह, दिसंबर 2026 तक बॉन्ड्स जारी करने की शुरुआती योजना के मुकाबले अब दो से तीन महीने की देरी होने की संभावना है। फरवरी या मार्च 2027 में प्रस्तावित निर्गम के जरिए जुटाई जाने वाली 1,000 करोड़ रुपये की राशि मुंबई की गारगाई बांध परियोजना, सात मलजल प्रक्रिया केंद्रों, जल सुरंगों और अन्य पर्यावरणपूरक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के वित्तपोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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