अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने अस्थायी और अंतिम मंजूरी का भ्रम दूर कर नए आवेदन प्रारूप लागू किए, निर्माण प्रक्रिया होगी पारदर्शी।

मुंबई। मुंबई महानगर में नई इमारतों के निर्माण, पुराने ढांचों के विस्तार और मरम्मत कार्यों को अधिक पारदर्शी व सुलभ बनाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण प्रशासनिक फैसला लिया है। महाराष्ट्र अग्नि निवारण और जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006 के तहत बीएमसी ने अग्निसुरक्षा मंजूरी से जुड़े आवेदन फॉर्मों के प्रारूप में बड़े और व्यापक सुधार किए हैं। बीएमसी की अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने इस ऐतिहासिक निर्णय की घोषणा करते हुए आधिकारिक तौर पर बताया कि अक्सर डेवलपर्स और नागरिकों के बीच 'अस्थायी अग्निसुरक्षा मंजूरी' और 'अंतिम अग्निसुरक्षा प्रमाणपत्र' को लेकर भारी भ्रम की स्थिति बनी रहती थी, जिसे अब इस बड़े कदम के जरिए पूरी तरह से दूर कर दिया गया है।

अतिरिक्त आयुक्त डॉ. अश्विनी जोशी ने इस व्यवस्था को पूरी तरह स्पष्ट करते हुए कहा कि 'अस्थायी अग्निसुरक्षा मंजूरी' केवल इमारत के नक्शे को मंजूरी देते समय और वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होने से ठीक पहले नियमों के कड़ाई से पालन के लिए दी जाने वाली एक 'प्रशासनिक सिफारिश' मात्र होती है। यह किसी भी स्थिति में कोई अंतिम प्रमाणपत्र नहीं होता है, लेकिन कई मामलों में लोग इसे ही अंतिम सर्टिफिकेट मान लेते थे। इसी कानूनी मर्यादा और भ्रम को जड़ से दूर करने के लिए बीएमसी ने अब बिल्कुल नए और संशोधित फॉर्म तैयार किए हैं। इस नई व्यवस्था के तहत नए निर्माण, विस्तारित या बदले हुए निर्माण, मरम्मत से जुड़े मामलों, अंतिम अग्निसुरक्षा मंजूरी और अस्थायी निर्माण के लिए अलग-अलग विशिष्ट आवेदन पत्र पूरी तरह से लागू कर दिए गए हैं।

बीएमसी के इस बड़े नीतिगत बदलाव का स्थानीय नगरसेवकों ने पुरजोर और खुला स्वागत किया है। नगरसेवकों का स्पष्ट कहना है कि मुंबई जैसे घने महानगर में इमारतों की सुरक्षा और आग से बचाव के नियम बेहद कड़े तथा स्पष्ट होने चाहिए। इस सुधार से जहां एक तरफ बिल्डरों और वास्तुकारों के लिए पूरी प्रक्रियाओं में अभूतपूर्व स्पष्टता आएगी, वहीं दूसरी तरफ फर्जी कागजातों के आधार पर होने वाली गड़बड़ियों पर भी पूरी तरह लगाम लगेगी। इसके साथ ही नगरसेवकों ने बीएमसी प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इन सभी नियमों की जानकारी वॉर्ड स्तर पर भी प्रसारित की जाए। डॉ. अश्विनी जोशी ने सभी वास्तुकारों, लाइसेंस प्राप्त सर्वेक्षकों और विकासकों से इन नए बदलावों को अनिवार्य रूप से नोट करने का आह्वान किया है। इसके साथ ही, उन्होंने बीएमसी के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि इन सभी संशोधित आवेदन फॉर्मों को तुरंत महानगरपालिका की आधिकारिक वेबसाइट पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराया जाए।

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