मुंबई के समुद्र तटों पर लाइफगार्ड सेवाओं का कार्यकाल बढ़ा, बीएमसी का फैसला
मानसून में डूबने की घटनाओं को रोकने के लिए बीएमसी ने दृष्टि लाइफ सेविंग के अनुबंध को 10 महीने 27 दिन का सेवा विस्तार और ₹1.01 करोड़ की अतिरिक्त राशि दी है।

मुंबई के प्रसिद्ध समुद्र तटों पर आने वाले लाखों पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मानसून की आहट और समुद्र में डूबने की बढ़ती घटनाओं की आशंका को देखते हुए बीएमसी की स्थायी समिति ने गिरगांव, दादर, वर्सोवा, जुहू, अक्सा और गोराई सहित प्रमुख चौपाटियों पर तैनात लाइफगार्ड सेवाओं का कार्यकाल बढ़ा दिया है।
22 मई 2026 को जारी बीएमसी स्थायी समिति के आधिकारिक प्रस्ताव के अनुसार ‘मेसर्स दृष्टि लाइफ सेविंग प्राइवेट लिमिटेड’ को नए कंत्राटदार की नियुक्ति होने तक 10 महीने 27 दिन का सेवा विस्तार प्रदान किया गया है। इस विस्तार के तहत मूल अनुबंध राशि में ₹1,01,65,104 की अतिरिक्त वृद्धि को मंजूरी दी गई है, जिससे संशोधित कुल अनुबंध मूल्य अब ₹4,94,16,033 हो गया है।
प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार, मुंबई अग्निशमन दल के तहत परिमंडल 7 के समुद्र तटों पर जीव रक्षकों की सेवा प्रदान करने वाला पूर्व अनुबंध 30 जून 2025 को समाप्त हो गया था। नई ई-निविदा प्रक्रिया में लगने वाले समय और नए ठेकेदार की नियुक्ति में संभावित देरी को देखते हुए प्रशासन ने जनहित याचिका तथा न्यायालयीन निर्देशों के अनुपालन में यह सुनिश्चित किया है कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार का अंतर न आए।
इसी कारण 1 जुलाई 2025 से 27 मई 2026 तक की अवधि के लिए इस सेवा को निरंतर जारी रखने की मंजूरी दी गई है। उल्लेखनीय है कि मुंबई के कुल 12 समुद्र तटों में से वाळकेश्वर, वरली, माहिम, बांद्रा से खार, मनोरी और मार्वे को असुरक्षित चट्टानों और गंदे पानी के निकास के कारण पर्यटकों के लिए प्रतिबंधित किया गया है, जबकि गिरगांव और जुहू जैसे सक्रिय समुद्र तटों पर चौबीसों घंटे सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता बनी रहती है।
बरसात के मौसम में अक्सा और जुहू चौपाटी जैसे दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में ऊंची लहरों के कारण डूबने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में अनुभवी लाइफगार्ड्स की तैनाती को बिना किसी अंतराल के जारी रखने को अत्यंत आवश्यक माना गया है। स्थानीय नगरसेवकों ने मानसून से ठीक पहले लिए गए इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम मुंबईकरों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है।
नगरसेवकों ने यह भी मांग की है कि अतिरिक्त ₹14 करोड़ के विशेष बजट प्रावधान के माध्यम से तटीय सुरक्षा उपकरणों का आधुनिकीकरण किया जाए तथा तटीय पुलिस और अग्निशमन दल के साथ समन्वय स्थापित कर एक मजबूत और फुलप्रूफ सुरक्षा घेरा तैयार किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। यह निर्णय मुंबई के तटीय सुरक्षा ढांचे को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Pratahkal Bureau
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