मुंबई के वर्सोवा स्थित अराम नगर क्षेत्र में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कस दिया। जे.पी. रोड स्थित इस इलाके में कई दुकानों, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा भवनों के लिए अनिवार्य रूप से छोड़ी जाने वाली खुली जगहों का व्यावसायिक उपयोग किए जाने और फुटपाथों पर अवरोध खड़े किए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इसी के मद्देनजर बीएमसी के के-वेस्ट वार्ड ने व्यापक अभियान चलाकर अवैध संरचनाओं को हटाया और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की।

बीएमसी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए गए वीडियो और जानकारी के अनुसार, अराम नगर, जे.पी. रोड, वर्सोवा (पश्चिम) क्षेत्र में 17 प्रतिष्ठान अनिवार्य खुली जगहों का उपयोग सर्विस एरिया के रूप में कर रहे थे। इन प्रतिष्ठानों ने खुले क्षेत्रों पर अवैध शेड, अस्थायी छतें और अन्य ढांचागत संरचनाएं खड़ी कर रखी थीं। इतना ही नहीं, कई स्थानों पर फुटपाथों पर भी अतिक्रमण कर लिया गया था, जिससे आम नागरिकों और पैदल यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी।

कार्रवाई के दौरान बीएमसी ने इन अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को हटाया। अधिकारियों के अनुसार, भवनों के आसपास छोड़ी जाने वाली अनिवार्य खुली जगहें अग्निशमन वाहनों की पहुंच, आपातकालीन निकासी, प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए निर्धारित होती हैं। इन स्थानों का व्यावसायिक उपयोग न केवल विकास नियंत्रण नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करता है।



अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ-साथ बीएमसी ने खाद्य व्यवसाय से जुड़े आठ प्रतिष्ठानों के अवैध सीवेज कनेक्शन भी काट दिए। जिन प्रतिष्ठानों पर यह कार्रवाई हुई उनमें अरबाब, बारिस्ता, सोराई चाय, हकीम अलीम सैलून, पर्शियन दरबार, इंक एन ब्रेटो मेन्यू, दार्जिलिंग लियोज़ मोमो और चाइना सबर्ब शामिल हैं। नगर निगम का कहना है कि इन प्रतिष्ठानों द्वारा सीवेज प्रणाली से जुड़े नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था, जिसके चलते यह कदम उठाया गया।

स्थानीय स्तर पर यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि अराम नगर क्षेत्र लंबे समय से अवैध निर्माण, अतिक्रमण और सार्वजनिक स्थानों के दुरुपयोग को लेकर चर्चा में रहा है। यहां पहले भी कई बार न्यायालय की निगरानी और प्रशासनिक निर्देशों के तहत अवैध संरचनाओं के खिलाफ अभियान चलाए जा चुके हैं। बावजूद इसके, विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा सार्वजनिक और अनिवार्य खुली जगहों के अतिक्रमण की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

बीएमसी अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के पीछे मुख्य उद्देश्य फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त बनाना, सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करना और भवन नियमों का सख्ती से पालन कराना है। नगर निगम को क्षेत्र में अवैध व्यावसायिक विस्तार और पैदल यात्रियों की आवाजाही में बाधा संबंधी कई शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

यह अभियान अतिरिक्त नगर आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) अश्विनी जोशी के निर्देशों, उप आयुक्त (जोन-4) डॉ. (श्रीमती) भाग्यश्री कापसे के मार्गदर्शन तथा के-वेस्ट वार्ड के सहायक आयुक्त चक्रपाणी अले के नेतृत्व में संचालित किया गया। बीएमसी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि सार्वजनिक स्थानों, अनिवार्य खुली जगहों और बुनियादी नागरिक सुविधाओं पर किसी भी प्रकार के अवैध कब्जे या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा।

वर्सोवा के अराम नगर में हुई यह कार्रवाई केवल अतिक्रमण हटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मुंबई में सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा, शहरी नियोजन नियमों के पालन और नागरिक सुविधाओं को संरक्षित करने की दिशा में प्रशासन की सख्त नीति का भी स्पष्ट संदेश देती है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

Next Story