BMC के 153 साल: 4 सितंबर 1873 को हुई थी पहली आधिकारिक बैठक
मुंबई नगर निगम की पहली बैठक के 153 साल पूरे, जानें 1893 में सीएसएमटी मुख्यालय बनने से पहले कैसे चलता था प्रशासनिक काम।

तस्वीर में बीएमसी मुख्यालय की ऐतिहासिक इमारत की नकाशीदार गुंबददार छत दिखाई दे रही है।
मुंबई। मुंबई की रोजमर्रा की जिंदगी से गहराई से जुड़ी बीएमसी की ऐतिहासिक यात्रा को 153 साल पूरे हो गए हैं। 4 सितंबर का दिन बीएमसी के इतिहास में खास महत्व रखता है, क्योंकि इसी तारीख को वर्ष 1873 में बॉम्बे म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन यानी बीएमसी की पहली आधिकारिक बैठक आयोजित की गई थी। इसी बैठक से शुरू हुआ बीएमसी का सफर आज विशाल रूप ले चुका है।
153 साल बाद भी बीएमसी मुंबईकरों की रोजमर्रा की जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। शहर के छोटे-बड़े कामों में बीएमसी की बड़ी भूमिका रहती है। मुंबई की सड़कों की देखभाल, हर घर तक पीने का साफ पानी पहुंचाना, पूरे शहर के कचरे का सही तरीके से निपटारा और सफाई व्यवस्था बनाए रखना बीएमसी की मुख्य जिम्मेदारियों में शामिल है।
इसके अलावा आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अस्पताल चलाना और शहर के ढांचे को मजबूत बनाना भी बीएमसी के दायरे में आता है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक मुंबई का हर नागरिक किसी न किसी रूप में बीएमसी की सेवाओं का इस्तेमाल करता है।
बीएमसी के इतिहास से जुड़ी एक रोचक बात यह है कि आज छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के सामने दिखाई देने वाला उसका मशहूर और भव्य मुख्यालय पहली बैठक के समय मौजूद नहीं था। इस ऐतिहासिक इमारत में वर्ष 1893 से बीएमसी का कामकाज शुरू हुआ था। इससे पहले बीएमसी की बैठकें और प्रशासनिक कार्य अलग-अलग जगहों से संचालित होते थे।
डेढ़ सदी से भी ज्यादा समय से बीएमसी मुंबई शहर को लगातार बेहतर और आधुनिक बनाने में जुटी हुई है। 4 सितंबर 1873 को हुई पहली आधिकारिक बैठक से शुरू हुई यह प्रशासनिक यात्रा आज 153 साल बाद भी मुंबई के नागरिक जीवन और शहर की व्यवस्थाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।

Pratahkal Bureau
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